Advertisement

मुजफ्फरपुर में 50 लाख की रंगदारी केस में बड़ा खुलासा, मंत्री के करीबी पर पुलिस का शिकंजा; लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर रची गई थी साजिश

-मुजफ्फरपुर में 50 लाख की रंगदारी केस में बड़ा खुलासा, मंत्री के करीबी पर पुलिस का शिकंजा; लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर रची गई थी साजिश

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के पुत्र कृष्ण मुरारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर दहशत फैलाने और रंगदारी वसूलने की साजिश रची गई थी। पुलिस के अनुसार, इस मामले में किसी बाहरी गैंग की बजाय मंत्री के करीबी लोगों में शामिल एक व्यक्ति की भूमिका सामने आई है।
पुलिस ने इस मामले में पर्यटन मंत्री के एक करीबी समेत कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस साजिश में कितने लोग शामिल थे और क्या इसके तार किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हैं।
जानकारी के अनुसार, पर्यटन मंत्री के पुत्र कृष्ण मुरारी को व्हाट्सएप पर धमकी भरा संदेश भेजकर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।

संदेश में रकम नहीं देने पर गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई थी। शिकायत मिलने के बाद सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने तकनीकी और साइबर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल कर भय का माहौल बनाने की कोशिश की गई थी, ताकि पीड़ित पर दबाव बनाकर रंगदारी वसूली जा सके।
गौरतलब है कि दो दिन पहले भाजपा के सक्रिय नेता रंजीत सहनी से भी 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया और दोनों मामलों के बीच संभावित संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल हिरासत में लिए गए सभी संदिग्धों से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और रंगदारी के इस नेटवर्क से जुड़े सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी अंतिम आधिकारिक खुलासा किया जाना बाकी है।