-भारतीय मूल की महिला का अपमान करने पर चीनी शख्स को सजा, आरोपी को तीन महीने की जेल; जुर्माना भी लगा
सिंगापुर।एजेंसी।
चीनी मूल के सिंगापुरी शख्स को भारतीय महिला के साथ बदसलूकी करने के आरोप में तीन महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। दरअसल, मामले 7 मई, 2021 का है, जब आरोपी ने कोविड के दौरान चोआ चू कांग हाउसिंग एस्टेट में नॉर्थवेल कंडोमिनियम में एक 57 वर्षीय भारतीय मूल की महिला का नस्लीय अपमान करने और उसकी छाती पर लात मारकर उसको चोट पहुंचाई थी।
आरोपी वोंग पर जुर्माना भी लगाया गया है और उसे पीड़ित को मुआवजे के तौर पर SGD13.20 यानी 6986 हजार रुपये भी देने होंगे। जुर्माना राशि का भुगतान करने का आदेश देते हुए, जिला न्यायाधीश शैफुद्दीन सरुवान ने जोर देकर कहा कि नस्लीय और धार्मिक शत्रुता के सिंगापुर के समाज में गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
सोमवार को सजा सुनाने से पहले, न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले में निवारक सजा सर्वोपरि है और नोट किया कि वोंग ने निर्लज्ज तरीके से अपराध किया है।
जनवरी में शुरू हुई नौ दिवसीय सुनवाई के बाद, न्यायाधीश शैफुद्दीन ने जून में वोंग को हमले और पीड़िता की नस्लीय भावनाओं को आहत करने के मामले में दोषी ठहराया। मुकदमे के दौरान, वोंग ने नस्लीय अपमान शब्द का इस्तेमाल करने से इनकार किया। अभियोजन पक्ष ने समुदाय और नस्लीय सद्भाव के महत्व पर जोर देते हुए छह से नौ महीने के बीच जेल की सजा की मांग की थी।
पीड़िता नीता ने मुकदमे के पहले दिन गवाही दी कि 7 मई, 2021 को वह चोआ चू कांग स्टेडियम की ओर जा रही थी, जहां वह एक फास्ट-फूड रेस्तरां में काम करती थी, तभी उसने किसी के चिल्लाने की आवाज सुनी। उसने मुड़कर वोंग और उसकी मंगेतर चुआ युन हान को देखा। इसके बाद दंपती ने उन्हें मास्क उतारने को कहा, जब उन्होंने ऐसा नहीं किया और दंपती को समझाने की कोशिश की।
उप लोक अभियोजक मार्कस फू और जोनाथन ली ने कहा, “आरोपी ने इसके बजाय शिकायतकर्ता को डांटा और मौखिक रूप से उसका अपमान किया। बात आगे न बढ़े, इसलिए शिकायतकर्ता ने सिर्फ कहा कि भगवान आपका भला करें और इसपर दंपती चिढ़ गए।”

पीड़िता नीता ने जनवरी में भी गवाही दी थी कि अगर वह हमले की जगह पर वापस जाएंगी, तो उस घटना को याद कर उन्हें रोना आ जाएगा। नीता ने जज से कहा, “घटना ने मुझे भावनात्मक रूप से प्रभावित किया है। मैं दुखी और डरी हुई महसूस करती हूं। क्या भारतीय होना गलत है? मैंने भारतीय होना नहीं चुना, काश ऐसा न होता।”
नीता ने यह भी गवाही दी कि हमले के बाद वहां मौजूद एक शख्स ने उसकी मदद की और उसके बायीं बांह लगी चोट पर प्लास्टर कराय। पीड़िता ने उसी शाम पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। अभियोजन पक्ष ने कहा कि प्रत्यक्षदर्शी, जिसका किसी भी पक्ष से कोई संबंध नहीं था, उसने गवाही दी कि उसने एक व्यक्ति को नीता को लात मारते देखा था।
मुकदमे के दौरान, वोंग ने दावा किया कि पीड़ित व्यंग्यात्मक और आक्रामक था और उसने उस पर अश्लील बातें की थीं। उसने यह भी दावा किया कि नीता ने उस पर और उसकी मंगेतर पर थूका था और धक्का भी दिया था।














