-बेहतर शिक्षा और रोजगार की मांग को लेकर मुजफ्फरपुर में छात्र-युवा संकल्प मार्च, सरकार के खिलाफ लगाए नारे
मुजफ्फरपुर, 30 जुलाई। बेहतर शिक्षा, रोजगार और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर गुरुवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) और भाकपा-माले के बैनर तले शहर में छात्र-युवा संकल्प मार्च निकाला गया। राज्यव्यापी संकल्प दिवस के तहत आयोजित इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-नौजवानों के साथ भाकपा-माले के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
हरिसभा चौक स्थित माले कार्यालय से शुरू हुआ मार्च क्लब रोड, पानी टंकी चौक, हाथी चौक, छोटी कल्याणी, कल्याणी चौक होते हुए पुनः हरिसभा चौक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारी झंडे, बैनर और पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े।
प्रदर्शनकारियों ने आंदोलनकारियों की तस्वीरों के साथ जारी लुकआउट नोटिस पर सरकार से माफी मांगने, पुलिस कार्रवाई में घायल छात्रों को मुआवजा देने, बिहार के विश्वविद्यालयों में 300 प्रतिशत फीस वृद्धि वापस लेने, शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने, निजी विश्वविद्यालय अधिनियम वापस लेने, एनटीए को भंग करने तथा डिग्री कॉलेजों को विश्वविद्यालयों से अलग करने वाले विधेयक को वापस लेने की मांग की। मार्च के दौरान “लाठी-गोली की सरकार नहीं चलेगी” और “ऐतिहासिक छात्र आंदोलन जिंदाबाद” जैसे नारे भी लगाए गए।

मार्च में आइसा और आरवाईए के विवेक कुमार, अजीत कुमार, गुड्डू कुमार, ऋतुराज कुमार, अनुपमा कुमारी, रंगीला कुमारी, कंचन कुमारी, आंचल कुमारी, अंकुश कुमारी, सौरभ कुमार सुमन, राजा कुमार सहित ऐपवा की चिंता कुमारी, गीता देवी, भाकपा-माले के जिला सचिव जितेन्द्र यादव, एक्टू जिला सचिव मनोज यादव तथा अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
मार्च के समापन पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि छात्र-नौजवानों का आंदोलन शैक्षणिक सुधार, रोजगार, लोकतांत्रिक अधिकारों और बेहतर समाज के निर्माण के लिए आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक राजनीति और कॉरपोरेट आर्थिक नीतियों के खिलाफ भी छात्र-युवा संघर्ष जारी रहेगा।












