-पिलखी पुल के उत्तरी एप्रोच पथ पर बने खतरनाक गड्ढे
-ग्रामीणों ने डालियां रखकर किया सतर्क
-मरम्मत के दो महीने बाद ही सड़क की हालत खराब
-बारिश और रैनकट से बढ़ा हादसे का खतरा
मुजफ्फरपुर/बन्दरा(दीपक)। मूसलाधार बारिश ने पिलखी पुल के उत्तरी एप्रोच पथ की बदहाल स्थिति को उजागर कर दिया है। कई स्थानों पर सड़क की जमीन धंसने से बड़े और गहरे गड्ढे बन गए हैं। राहगीरों को दुर्घटना से बचाने के लिए स्थानीय ग्रामीणों ने गड्ढों के पास पेड़ों की डालियां रखकर अस्थायी संकेतक बनाया है, ताकि दूर से ही वाहन चालकों को खतरे का आभास हो सके।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि करीब दो महीने पहले ही एप्रोच रोड पर बने गड्ढों की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। बारिश शुरू होते ही पानी के तेज बहाव और रैनकट के कारण सड़क फिर से कटने लगी। गड्ढे लगातार गहरे होते जा रहे हैं, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि रैनकट के कारण पुल के उत्तरी हिस्से के दोनों किनारों पर बड़े-बड़े गड्ढे उभर आए हैं। इस मार्ग से दिन-रात भारी ट्रकों, यात्री बसों और निजी वाहनों का आवागमन होता है। अंधेरे और सुबह के समय बाइक व छोटी गाड़ियों के पलटने का खतरा बना हुआ है। कई बार बड़े वाहन गड्ढों में फंसने से आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।
पिलखी पुल उत्तर बिहार और पटना के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा स्थानीय आंदोलन और दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस के प्रयासों से निर्मित इस पुल का उद्घाटन 7 फरवरी 2012 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। पुल एनएच-57 मुजफ्फरपुर-दरभंगा फोरलेन के मैथी टोल प्लाजा को जोड़ता है। बंदरा, मुरौल, गायघाट, बोचहां, कटरा और दरभंगा के सिंहवाड़ा क्षेत्र के लोगों के लिए यह प्रमुख आवागमन मार्ग है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने की मांग की है।












