-नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में मस्जिद-मदरसे बढ़ने का दावा, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
मुजफ्फरपुर/रक्सौल। भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के प्रमुख व्यापारिक शहर वीरगंज के छपकैया क्षेत्र में मस्जिदों की संख्या बढ़ने का दावा सामने आया है। स्थानीय स्तर पर किए जा रहे दावों के अनुसार, कुछ वर्ष पहले तक छपकैया में दो मस्जिदें थीं, जिनकी संख्या अब बढ़कर सात हो गई है। इसके साथ ही नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में मदरसों और मस्जिदों की बढ़ती संख्या को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
उत्तर बिहार से सटे नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों, खासकर पूर्वी चंपारण, मधुबनी, सीतामढ़ी और पश्चिम चंपारण से लगे इलाकों में धार्मिक संस्थानों की संख्या में वृद्धि का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन दावों के समर्थन में आधिकारिक आंकड़े या किसी सरकारी सर्वेक्षण का विवरण सामने नहीं आया है।
नेपाल जनता पार्टी की राष्ट्रीय कमेटी के पूर्व सदस्य पारस द्विवेदी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ती गतिविधियों को लेकर चिंता जताई है।

उनका कहना है कि नेपाल में हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच लंबे समय से भाईचारे का संबंध रहा है, लेकिन मधेश आंदोलन के बाद नागरिकता वितरण में कथित अनियमितताओं के कारण तराई क्षेत्र में धार्मिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ी हैं।
द्विवेदी ने भारत-नेपाल की खुली सीमा का हवाला देते हुए घुसपैठ को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश, पाकिस्तान और अन्य मुस्लिम देशों से आने वाले कट्टरपंथी तत्व नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में गेस्ट हाउस, मदरसों और मस्जिदों का इस्तेमाल सुरक्षित ठिकाने के रूप में कर सकते हैं।
हालांकि, इस तरह के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी धार्मिक संस्था की संख्या बढ़ना अपने आप में अवैध गतिविधि या घुसपैठ का प्रमाण नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के आधिकारिक आंकड़ों तथा जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। भारत-नेपाल की खुली सीमा को देखते हुए दोनों देशों के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और नागरिक गतिविधियों की निगरानी पहले से ही महत्वपूर्ण विषय रही है।












