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नरौली बाल गृह से 10 बच्चों के फरार होने पर जिला जज सख्त, अधिकारियों को लगाई फटकार

-नरौली बाल गृह से 10 बच्चों के फरार होने पर जिला जज सख्त, अधिकारियों को लगाई फटकार

मुजफ्फरपुर। नरौली स्थित वृहत बाल आश्रय गृह से एक साथ 10 बच्चों के फरार होने की गंभीर घटना पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती श्वेता कुमारी सिंह ने कड़ा संज्ञान लिया है। मंगलवार को उन्होंने बाल संरक्षण इकाई, बाल गृह प्रशासन और भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों को तलब कर जमकर फटकार लगाई तथा लापरवाही पर नाराजगी जताई।

घटना के बाद अपराह्न में न्यायाधीश ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव के साथ नरौली बाल गृह का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बरामद बच्चों से बातचीत कर फरार होने के कारणों की जानकारी ली। पूछताछ में भवन निर्माण की गंभीर खामियां, सुरक्षा प्रहरियों की लापरवाही और कर्मचारियों की उदासीनता सामने आई।

निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि बाल गृह की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर थी, जिसका फायदा उठाकर बच्चे फरार हुए। इस पर नाराजगी जताते हुए न्यायाधीश ने बाल गृह अधीक्षक को सख्त चेतावनी दी और कहा कि दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

स्थिति को गंभीर मानते हुए उन्होंने तत्काल कई सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाल गृह परिसर में तुरंत सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, मुख्य गेट की ऊंचाई बढ़ाई जाए ताकि कोई चढ़कर बाहर न जा सके, चारदीवारी पर कंटीले तारों का घेरा जल्द पूरा किया जाए तथा सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद किया जाए।

बाल गृह से 10 बच्चों के सामूहिक रूप से फरार होने की घटना के बाद प्रशासन और बाल कल्याण विभाग में हड़कंप मच गया है। फरार बच्चों की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

न्यायाधीश श्रीमती श्वेता कुमारी सिंह ने स्पष्ट कहा कि बालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।