-दहेज लोभी पति को पुलिस ने किया गिरफ्तार
जनकपुरधाम /संवाददाता।
दहेज में पचास लाख मायके लाने के लिए पति द्वारा मारपीट किए जाने के बाद पीड़िता ने अदालत की शरण ली। अदालत ने दहेज तथा घरेलू हिंसा में दोषी करार करते हुए पति को गिरफ्तार किया है। घटना राज विराज वार्ड 3की है। करीब दो बर्ष पहले 23बर्षीय आरती दास की शादी 28बर्षीय नवीन कुमार दास के साथ बड़े ही धूमधाम से संपन्न हुयी। आरती के पिता ने अपने औकात सेअधिक शादी में खर्च किया। कुछ दिन ठीक ठाक रहा लेकिन कुछ दिनों के बाद आरती के सास, ससुर तथा पति ने मायके से पचास लाख दहेज लाने के लिए दवाव वनाना शुरू कर दिया। दहेज लाने के लिए आरती के पति नवीन कुमार दास तथा उनके सास ससुर, ननदने बात बात में पिटाई शुरू कर दी। उनको जवरदस्त गर्भपात कराया। लगातार शारीरिक तथा मानसिक पीड़ा झेल रही आरती ने अपने माता पिता को सारी कहानी बयां की।

आरती के माता पिता ने न्यायालय की शरण ली। वि. सं. 2079-10-23को पुलिस में उजूरी दी। राजीव गिरि ने इस केस का अनुसंधान किया। अंततः सम्मानीय न्यायाधीश हेमन्त रावल के इजलास एक ने पति अनिल कुमार दास, उनके पिता 65बर्षीय घन्ती दासउर्फ घनश्याम दास, 60बर्षीय माता राज कुमारी दास तथा बहन 30बर्षीय सुधा दास तथा25बर्षीय रितु दास को दोषी माना है।
पुलिस ने नवीन कुमार दास को35दिन पूर्व हीगिरफ्तार कर लिया है। वे एक निजी बैंक में काम करता है। वही उनके माता-पिता तथा दोनोबहनें फरार है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। आरती दास की ओर बरिष्ठ अधिवक्ता तथा प्रदेश सांसद किरण कुमारी साह ने मुकदमा लड़ी थी।















