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डीएम ने विकास योजनाओं की समीक्षा की, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश

-डीएम ने विकास योजनाओं की समीक्षा की, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश

-बाढ़ तैयारियों, नल-जल, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा और निर्माण योजनाओं की प्रगति पर हुई विस्तृत समीक्षा

मुजफ्फरपुर, 30 जून। जिले में संचालित विकास योजनाओं की प्रगति, आधारभूत संरचना परियोजनाओं की स्थिति तथा संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी कुमार गौरव की अध्यक्षता में जिला विकास एवं समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए डीएम ने अधिकारियों को पूरी जवाबदेही, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया।
बैठक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में संचालित अधिकांश नल-जल योजनाएं कार्यरत हैं। डीएम ने बंद पड़ी योजनाओं को शीघ्र चालू कराने का निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, कृषि फीडर निर्माण, मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना और स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की प्रगति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 3,980 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 1,205 घरों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। वहीं, 90 कृषि फीडरों का निर्माण पूरा हो चुका है तथा 9.22 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं में 8.18 लाख से अधिक के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। डीएम ने शेष कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
भवन निर्माण विभाग ने बताया कि जिला मुख्यालय में 2,000 क्षमता वाले आधुनिक परीक्षा भवन का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिसे वर्ष 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय, नए प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवन तथा पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया।
शिक्षा विभाग की समीक्षा में सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता, मॉडल स्कूलों की व्यवस्था तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष चर्चा हुई। डीएम ने विद्यालयों में नियमित उपस्थिति और आधारभूत सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिए।


स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, संस्थागत प्रसव, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग तथा टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सरकारी अस्पतालों में जरूरतमंद मरीजों को समय पर और निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा टीबी मरीजों की पहचान, जांच और उपचार में तेजी लाने का निर्देश दिया।
श्रम संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान ई-श्रम पोर्टल पर 14.27 लाख से अधिक श्रमिकों के पंजीकरण की जानकारी दी गई। डीएम ने शेष पात्र श्रमिकों का भी शीघ्र निबंधन सुनिश्चित कराने को कहा।
संभावित बाढ़ को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। पशु संसाधन विभाग ने बताया कि आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण कर लिया गया है तथा 38 पशु राहत शिविर चिन्हित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें भी तैयार हैं। बिजली, पथ निर्माण और ग्रामीण कार्य विभाग को बाढ़ की स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर जनजीवन सामान्य बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करने तथा संभावित बाढ़ जैसी किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट रहने का निर्देश दिया।