-जनकपुरधाम में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई गुरु पूर्णिमा, भारत-नेपाल से पहुंचे श्रद्धालु
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर। मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी जनकपुरधाम में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगासागर सरोवर और दूधमती नदी में स्नान कर जानकी मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की तथा अपने गुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त किया।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर जानकी मंदिर, रत्नसागर, बिहार कुंड, सुंदर सदन, झूलन कुंज, मौनी बाबा आश्रम समेत अनेक मठों और मंदिरों में भारत और नेपाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। शिष्यों ने अपने-अपने गुरुओं की चरण वंदना की, आशीर्वाद लिया और कई श्रद्धालुओं ने गुरु से दीक्षा भी ग्रहण की।

धार्मिक आयोजनों के दौरान विभिन्न स्थानों पर भजन-कीर्तन, सत्संग और भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने पूरे दिन आध्यात्मिक वातावरण में गुरु भक्ति का संदेश दिया।
इसके अलावा कबीर बाल आश्रम, निरंकारी आश्रम, ब्रह्मा कुमारी आश्रम, ठाकुर अनुकूल आश्रम सहित सनातन परंपरा के विभिन्न पंथों के अनुयायियों ने भी गुरु पूजा श्रद्धा और निष्ठा के साथ संपन्न की। वहीं कई लोगों ने अपने माता-पिता को ही प्रथम गुरु मानते हुए उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया।
पूरे जनकपुरधाम में दिनभर धार्मिक उल्लास, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल बना रहा, जहां गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति लोगों की गहरी आस्था देखने को मिली।











