-जनकपुरधाम-जयनगर-अयोध्या ट्रेन सेवा की तैयारी तेज
-अप्रैल 2027 से रामायण सर्किट ट्रेन चलाने पर बनी सैद्धांतिक सहमति
जनकपुरधाम।भारत और नेपाल के बीच धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी पहल की तैयारी है। जयनगर में हुई एक अहम बैठक में अप्रैल 2027 से जनकपुरधाम-जयनगर से अयोध्या के बीच विशेष रामायण सर्किट ट्रेन चलाने पर सैद्धांतिक सहमति बनने की बात सामने आई है।
बुधवार को जयनगर रेलवे स्टेशन के रेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में भारत और नेपाल के रेलवे, सुरक्षा, कस्टम, इमिग्रेशन तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में प्रस्तावित ट्रेन सेवा शुरू करने से पहले रेल ट्रैक, सिग्नलिंग, इमिग्रेशन, कस्टम चेक पोस्ट, यात्रियों की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रस्तावित ट्रेन में फिलहाल एसी और स्लीपर क्लास के कोच शामिल किए जाने की तैयारी है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि नेपाल के हिस्से वाले रेलवे सेक्शन में नेपाली सुरक्षा बल और भारत की सीमा में भारतीय सुरक्षा बल यात्रियों तथा रेल सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे।

बैठक के बाद दोनों देशों के अधिकारियों ने विशेष निरीक्षण ट्रेन से जयनगर-जनकपुरधाम-कुर्था रेलवे सेक्शन का ऑन-साइट निरीक्षण किया। इस दौरान सीमा क्षेत्र में रेलवे ट्रैक की स्थिति, सिग्नलिंग सिस्टम, इमिग्रेशन और कस्टम व्यवस्था सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
अधिकारियों ने अयोध्या से जनकपुरधाम आने वाले यात्रियों की सुरक्षा, इमिग्रेशन प्रक्रिया और उनके आवागमन को सुचारु बनाने को लेकर भी चर्चा की। प्रस्तावित रेल सेवा शुरू होने से भारत के अयोध्या और नेपाल के जनकपुरधाम के बीच धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
रामायण परंपरा से जुड़े दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों को रेल सेवा से जोड़ने की पहल से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यात्रा आसान होने के साथ ही भारत-नेपाल के बीच धार्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूती मिलने की संभावना है।












