-चरस तस्करी मामले में दोषी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास
मोतिहारी, राजन द्विवेदी। स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) न्यायालय प्रथम की विशेष न्यायाधीश रेशमा वर्मा ने चरस तस्करी के मामले में दोषी पाए गए अभियुक्त को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
सजा पाने वाला अभियुक्त नेपाल के बारा जिला अंतर्गत गमर गामा निवासी राजेंद्र मंडल का पुत्र अनोज कुमार है। मामले में रक्सौल सहदेवा कैंप एसएसबी के सहायक उप निरीक्षक बाल कृष्ण त्रिवेदी ने रक्सौल थाना कांड संख्या 227/2023 दर्ज कराया था।
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 10 मई 2023 की सुबह सूचना मिली थी कि नेपाल से मादक पदार्थ लेकर तस्कर भारत-नेपाल सीमा स्तंभ संख्या 390/98 के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस बल का गठन कर विशेष नाका लगाया गया। सुबह करीब 6:30 बजे एक युवक उजले रंग का झोला लेकर आता दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही वह नेपाल की ओर भागने लगा, लेकिन एसएसबी जवानों ने उसे पकड़ लिया।

तलाशी के दौरान उसके झोले से प्लास्टिक में पैक किए गए चार छोटे-छोटे बंडलों में कुल 1.150 किलोग्राम चरस बरामद हुई। इसके बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
एनडीपीएस वाद संख्या 42/2023 के विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक डॉ. शंभू शरण सिंह ने न्यायालय में सात गवाहों को प्रस्तुत कर उनकी गवाही कराई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)ii(सी) एवं 23(सी) के तहत दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।












