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गायघाट विधानसभा से नई पीढ़ी का उदय: कोमल सिंह ने दर्ज की पहली बड़ी जीत, मां वीणा देवी के राजनीतिक सफर की हुई पुनरावृत्ति

-गायघाट विधानसभा से नई पीढ़ी का उदय: कोमल सिंह ने दर्ज की पहली बड़ी जीत, मां वीणा देवी के राजनीतिक सफर की हुई पुनरावृत्ति

मुजफ्फरपुर। संवाददाता।

मुजफ्फरपुर की चर्चित गायघाट विधानसभा सीट इस बार चुनावी हलचल और सियासी चर्चाओं का केंद्र बनी रही। यही वह सीट है, जहां से वर्ष 2010 में लोजपा नेता बिना देवी ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की थी। अब उसी राजनीतिक विरासत को उनकी बेटी कोमल सिंह ने आगे बढ़ाते हुए अपनी पहली जीत हासिल की है।

वर्तमान में वैशाली से सांसद वीणा देवी ने गायघाट में 2010 की जीत से अपनी मजबूत पहचान बनाई थी। उनकी बेटी कोमल सिंह, जो जदयू एमएलसी दिनेश सिंह की पुत्री भी हैं, ने इस बार उसी सीट से चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा है।

कोमल सिंह ने 2020 में पहली बार लोजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हार के बाद भी वे क्षेत्र में सक्रिय रहीं, लगातार जनता के बीच जाकर संवाद बनाया और संगठन के साथ अपनी पकड़ मजबूत करती रहीं। इसी जनसंपर्क और मेहनत का नतीजा रहा कि 2025 के विधानसभा चुनाव में जदयू उम्मीदवार के रूप में उतरीं कोमल सिंह ने राजद के मौजूदा विधायक निरंजन राय को 23,417 वोटों के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की।

चुनावी प्रचार के दौरान गायघाट में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कोमल सिंह के प्रभावशाली भाषण से प्रभावित हुए थे। सीएम ने सार्वजनिक मंच से कहा था कि “बच्ची बहुत अच्छा बोलती है, आगे चलकर बहुत अच्छा काम करेगी।” जनता ने भी इस भरोसे को स्वीकार किया और उन्हें भारी समर्थन देते हुए विधानसभा भेज दिया।

गायघाट के मतदाताओं को अब कोमल सिंह से बड़ी उम्मीदें हैं। जिस विश्वास के साथ उन्होंने एक नई पीढ़ी के नेतृत्व को मौका दिया है, अब सबकी नजर इस बात पर है कि कोमल सिंह इस भरोसे पर कितना खरा उतरती हैं और क्षेत्र के विकास के लिए क्या ठोस कदम उठाती हैं।