-कौन होंगे पटना के अगले DM ? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कर दिया इशारा, CM की पसंद वाले IAS अफसर का नाम जानें….
सम्वाददाता। पटना।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज इशारा कर दिया कि पटना के अगले जिलाधिकारी कौन होंगे. राजगीर मलमास मेला के उद्घाटन के दौरान नीतीश कुमार ने इसका इशारा किया. उन्होंने कहा कि अभी कहेंगे नहीं,क्यों कि कह देंगे तो मीडिया वाला छाप देगा. दरअसल, सीएम नीतीश राजगीर मेला में नालंदा के डीएम के कार्यों से बहुत खुश नहीं थे. लिहाजा मंच से नालंदा के डीएम को निदेश दिया कि गया के जिलाधिकारी से सलाह लेते रहें.
राजगीर मलमास मेला के उद्घाटन के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयेंगे. इसके लिए सुविधा की गई है. हम तो चाहेंगे कि यह सुविधा सब दिन रहे. हमने जगह-जगह जाने का रास्ता बनवा दिया है. पहले तो यह व्यवस्था नहीं थी. अब हम चारों तरफ का रास्ता ठीक करवा दिए हैं. मलमास मेला में इस बार जो भी आएंगे उनको बहुत अच्छा लगेगा.इसके बाद सीएम नीतीश ने गया के जिलाधिकारी ‘त्यागराजन’ की तरफ देखते हुए कहा,” त्यागराजन जी हैं….अब कहां जाइएगा यह आपको पता नहीं है. यह हम अभी नहीं कहेंगे. कह देंगे तो अखबार में छापने लगेगा. आप एक-एक चीज को यहां देखते रहिएगा. यहां के डीएम को भी कहेंगे कि गया के डीएम से सलाह लेते रहिएगा”. गया के डीएम नहीं आ रहे थे. हम कहे कि इनको लेते चलो. इस तरह से नीतीश कुमार ने इशारा कर दिया कि नालंदा,दरभंगा, गया के बाद त्यागराजन अब कहां के डीएम बनने वाले हैं.

सीएम नीतीश ने कहा कि राजगीर से मेरा बचपन का संबंध है. सात-आठ साल की उम्र रही होगी तब हमारी मां यहां लेकर पहली दफे आई थी. हम तो यहां बचपन से ही यहां आते रहे हैं. 2009 में यहां 7 दिन रह कर एक एक चीज बनाए हैं. हम तो जब नालंदा आते हैं तो यहीं रहते हैं राजगीर में. पहले बिहारशरीफ में रहते थे. बिहार शरीफ का नाम तो हमने ही किया है ना, पहले बिहार नाम था. राजगीर बहुत महत्वपूर्ण है. गया, बोधगया बहुत इंपॉर्टेंट .
बता दें, आईएएस अधिकारी त्यागराजन नगर निगम के आयुक्त बनकर बिहारशरीफ आए थे। आयुक्त रहते हुए ये सफाई के क्षेत्र में कई बेहतर कार्य किए थे। इनकी देन थी कि आज सफाई कर्मी घर-घर जाकर कूडा-कचरा संग्रह करता देखा जा रहा है। उनके इमानदारी व कार्य के प्रति निष्ठा को देखते हुए सरकार ने नालंदा का डीएम बना दिया था। इनकी इच्छाशक्ति ही थी कि उन्होंने शहर को स्मार्ट सिटी की रेस में लाकर खड़ा कर दिया था। इनके कार्यकाल में राजगीर के भूई गांव में ठोस कचरा प्रबंधन को देखने के लिए देश-विदेश के लोग आए दिन आते हैं। यहीं नहीं एकंगरसराय प्रखंड के चम्हेडा को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया गया था। उपलब्धियों की अगर जिक्र किया जाय तो ये विद्युतीकरण कार्य बेहतर रूप से संपन्न कराने के एवज में इनको खुद प्रधानमंत्री सम्मानित कर चुके हैं। इनके हिस्से में उसके अलावा कई उपलब्धियां शामिल है। विभागीय कार्य करने की इनकी शैली की प्रशंसा करते विरोधी पार्टी के लोग भी नहीं थकते थे।












