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हत्या के बाद टॉयलेट की टंकी में डाला था बहू का शव

-हत्या के बाद टॉयलेट की टंकी में डाला था बहू का शव

-कोर्ट ने सुनाई सास-ससुर को उनके करनी की सजा

सम्वाददाता।अररिया।

बिहार के अररिया व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रवि कुमार की अदालत ने सास- ससुर को कड़ी सजा सुनाई है। इन पर अपनी बहू की हत्या का आरोप था। दोषी सिद्ध होने के बाद कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने बहू की हत्या करने के बाद उसके शव को टॉयलेट की टंकी में फेंक दिया था। कोर्ट ने दोषी सास- ससुर पर दस हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है।
न्यायालय ने सत्र वाद संख्या 200/24 में दोनों ही दोषियों को सजा सुनाई। यह मामला रानीगंज थाना प्राथमिकी कांड संख्या 336/23 से संबंधित है। घटना के बाद पुलिस को सूचना मृतक रंजू देवी के भाई पूर्णिया बनमनखी के धीमा वार्ड संख्या चार निवासी अमर शर्मा ने दी थी। इन्होंने कुल छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जिसमें राजू शर्मा, ललिता देवी, सोनिया देवी, कोकण शर्मा और उनके दामाद सुबोध शर्मा को भी अभियुक्त बनाया गया था। जिनके खिलाफ पुलिस ने पूरक अनुसंधान लंबित रखा है।

सजा पाए जाने वाले दोनो ही दोषी सास ससुर हैं। जिन्हें कोर्ट ने बहू की हत्या के बाद शव को शौचालय की टंकी में फेंक देने का दोषी करार दिया। न्यायालय ने उन्हें भादवि की धारा 302,201 के अंतर्गत दोषी करार दिया। दोषी करार दिए गए अभियुक्तों में रानीगंज के 70 वर्षीय कोकण शर्मा और 60 वर्षीय महावती शर्मा शामिल हैं। दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार मृतका रंजू देवी का विवाह 20 -25 वर्ष पूर्व में हुआ था और उनके पति बाहर कमाते थे। मृतक को तीन बच्चे भी थे।
सास-ससुर मृतक के नाम के जमीन को बेचने के लिए दबाव दिया करते थे। नहीं मानने पर उन्होंने रंजू देवी की हत्या कर दी थी। सास- ससुर और अन्य लोगों ने दबिया से बहू को मौत के घाट उतार दिया था। शव को टॉयलेट की टंकी में फेंक दिया था। सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक प्रभा कुमारी और बचाव पक्ष की ओर से लीगल डिफेंस काउंसिल के चीफ विनय कुमार ठाकुर ने अपनी दलील दी। दोनों ही पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने दोषियों को सजा सुनाई।