-सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान: मुजफ्फरपुर में 5911 योजनाओं की समीक्षा, गुणवत्ता में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
-तकनीकी स्वीकृति के लिए लंबित 1034 योजनाओं को 24 घंटे में पूरा करने का निर्देश
-निगरानी के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स गठित
मुजफ्फरपुर। जिले में सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत चयनित 5911 योजनाओं की प्रगति की जिलाधिकारी कुमार गौरव ने समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त निशांत सिहारा ने विभागवार योजनाओं की स्थिति और प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चयनित 5911 योजनाओं में शिक्षा विभाग की 2427, ग्रामीण विकास विभाग की 1202, पंचायती राज विभाग की 998, स्वास्थ्य विभाग की 519, पीएचईडी की 452, समाज कल्याण विभाग की 202, नगर विकास एवं आवास विभाग की 61, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की 48 तथा पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की दो योजनाएं शामिल हैं।
इनमें से 4877 योजनाओं को तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है, जो कुल योजनाओं का 82.51 प्रतिशत है। तकनीकी स्वीकृति प्राप्त योजनाओं में से 3298 को प्रशासनिक स्वीकृति भी मिल गई है। शेष 1034 योजनाओं की तकनीकी स्वीकृति लंबित है। जिलाधिकारी ने संबंधित क्रियान्वयन एजेंसियों को 24 घंटे के भीतर तकनीकी स्वीकृति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही प्रशासनिक स्वीकृति से संबंधित लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने को कहा।

गुणवत्ता की निगरानी के लिए गठित हुई टास्क फोर्स:
अभियान के तहत विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य उपकेंद्रों, सामुदायिक भवनों और पंचायत सरकार भवनों का जीर्णोद्धार, रंग-रोगन, मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसके अलावा जरूरत के अनुसार नए भवनों और आधारभूत संरचनाओं का निर्माण भी कराया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने योजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता की नियमित निगरानी के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। इसमें उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। टास्क फोर्स प्रतिदिन बैठक कर योजनाओं की अद्यतन स्थिति और कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा करेगी। जिलाधिकारी स्वयं भी नियमित रूप से अभियान की समीक्षा करेंगे और क्षेत्र भ्रमण के दौरान औचक निरीक्षण करेंगे।
उन्होंने अपर समाहर्ता को एक सप्ताह के भीतर जिले के 125 भवनहीन एवं भूमिहीन विद्यालयों तथा पीएचईडी की 13 योजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना और विकास कार्यों को गति देना है। सभी अधिकारी समन्वय स्थापित कर योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।











