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सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर रेल लाइन दोहरीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज, पांच सदस्यीय समिति गठित

-सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर रेल लाइन दोहरीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज, पांच सदस्यीय समिति गठित

मुजफ्फरपुर। सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर रेल लाइन दोहरीकरण विशेष रेल परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। अधिग्रहित की जाने वाली जमीनों की वास्तविक प्रकृति और उचित मुआवजा दर निर्धारित करने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति संबंधित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट जिला भू-अर्जन कार्यालय को सौंपेगी।
पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर के उप मुख्य अभियंता (निर्माण-01) द्वारा 17 जुलाई को भूमि अधिग्रहण का आधिकारिक प्रस्ताव भेजा गया था। इसके बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगे की प्रक्रिया शुरू की गई है।
नई व्यवस्था के तहत जमीन का मुआवजा पुराने खतियान के आधार पर नहीं, बल्कि उसके वर्तमान उपयोग और वास्तविक स्वरूप के आधार पर तय किया जाएगा।

समिति भौतिक सत्यापन कर यह जांच करेगी कि संबंधित भूमि आवासीय, व्यावसायिक या कृषि उपयोग में है। इसके आधार पर रैयतों को उचित और पारदर्शी बाजार मूल्य सुनिश्चित किया जाएगा।
रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना के लिए बोचहां अंचल के झपहां मौजा (थाना संख्या-594), औराई अंचल के धरहरवा उर्फ परी धरहरवा मौजा (थाना संख्या-01), तथा मीनापुर अंचल के छपरा मोबारक (थाना संख्या-596) और शाहपुर मुतालुके अहियापुर (थाना संख्या-597) मौजों में भूमि अधिग्रहण किया जाना है।
मूल्यांकन और जांच के लिए गठित समिति में अपर समाहर्ता (राजस्व) को अध्यक्ष बनाया गया है। उप विकास आयुक्त, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला अवर निबंधक तथा भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) को समिति का सदस्य बनाया गया है। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी समिति के सदस्य सचिव होंगे।
अधिकारियों के अनुसार समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित आंकड़ों को केंद्र सरकार के भूमि राशि पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके पश्चात भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा-20ए के तहत अधिसूचना जारी कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना को उत्तर बिहार की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में माना जा रहा है। इसके पूरा होने से रेल परिचालन में सुधार होगा और क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को नई गति मिलने की उम्मीद है।