-विद्यालयों में साफ-सफाई और नियमित कक्षा संचालन पर जोर, प्रधानाध्यापकों की गुरु गोष्ठी आयोजित
राजापाकर-संजय श्रीवास्तव। राजापाकर प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) भवन परिसर में मंगलवार को प्रखंड के सभी प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों की एक दिवसीय मासिक गुरु गोष्ठी आयोजित की गई। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सिद्धु रंजन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विद्यालयों की शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा के साथ बेहतर शिक्षण पद्धतियों और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों पर चर्चा की गई।
बैठक में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने सभी विद्यालयों में साफ-सफाई बनाए रखने और प्रत्येक कक्षा में शिक्षकों द्वारा नियमित रूप से पठन-पाठन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सीआरसी स्तर पर नियमित साप्ताहिक बैठक आयोजित की जाए। इन बैठकों में विद्यार्थियों की उपस्थिति, शैक्षणिक प्रगति और अन्य गतिविधियों की समीक्षा के साथ विद्यालयों की वास्तविक समस्याओं के समाधान तथा आगामी सप्ताह की शैक्षणिक कार्ययोजना पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास करने और कक्षा तीन से पांच तक के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा से संबंधित उन्मुखीकरण गतिविधियां सुनिश्चित करने पर जोर दिया। विद्यालयों में प्रतिभाशाली एवं नवाचारी सोच वाले विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश भी दिया गया। विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनके वैज्ञानिक समाधान खोजने के अवसर देने तथा उनके विचारों की मौलिकता और उपयोगिता को प्राथमिकता देने की बात कही गई।

बैठक में विद्यालयों को उपलब्ध कराए गए म्यूजिकल उपकरणों का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इन उपकरणों का उपयोग संगीत, प्रार्थना, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कला शिक्षा और विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए करने पर बल दिया गया।
माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पुस्तकालय की पुस्तकों को व्यवस्थित ढंग से उपलब्ध कराने तथा विद्यार्थियों को नियमित पठन के लिए प्रेरित करने की बात कही गई। साथ ही, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत निर्धारित मासिक थीम के अनुसार गतिविधियां आयोजित करने का निर्देश दिया गया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को देश की विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं, कला और खानपान की विविधता से परिचित कराने तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
बैठक में गतिविधियों का नियमित अभिलेख रखने और विद्यार्थियों की सहभागिता की समीक्षा करने सहित विभिन्न शैक्षणिक मुद्दों पर जानकारी दी गई।
इस अवसर पर नंदकिशोर प्रसाद सिंह, बृजेश मोहन, पवन कुमार, निर्मला कुमारी, चंदेश्वर कुमार, मोहम्मद जावेद आलम, आलोक कुमार, हेमंत कुमार, विष्णु देव शाह, प्रभाकर कुमार झा, इंदु देवी, मीनू कुमारी, रंजीत कुमार सहित अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।












