-विकसित और गौरवशाली बिहार के निर्माण में सभी की सहभागिता जरूरी : मुख्यमंत्री
पटना, 20 सितंबर 2026(दीपक)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि विकसित और समृद्ध बिहार के निर्माण के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर योगदान देना होगा। शिक्षा, आधारभूत संरचना और राज्य की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के विकास के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। सभी लोग मिलकर गौरवशाली बिहार के निर्माण का संकल्प लें।
मुख्यमंत्री रविवार को सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में आयोजित ‘विकसित बिहार : नींव से निर्माण तक महामंथन सह लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। प्रोग्रेसिव बुद्धिजीवी एसोसिएशन, बिहार की ओर से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लव-कुश समाज की एकता की नींव वर्ष 1994 में रखी गई थी और यह एकता आज भी कायम है। यह समाज किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि न्याय के साथ आगे बढ़ते हुए बिहार की समृद्धि और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाना चाहता है। उन्होंने कहा कि 1992-93 में कुर्मी चेतना रैली और कुशवाहा सम्मेलन के बाद वर्ष 1994 में दोनों समाजों ने मिलकर लव-कुश सम्मेलन का आयोजन किया था। इस सामाजिक एकता ने आगे चलकर राजनीतिक स्वरूप भी ग्रहण किया।
उन्होंने कहा कि आज विकसित भारत और समृद्ध बिहार की कल्पना को साकार करने का समय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को साकार करने के लिए सरकार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बिहार के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि चंद्रगुप्त मौर्य और सम्राट अशोक जैसे महान शासकों ने इसी धरती से भारत और दुनिया को दिशा दी। बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने और मजबूती से प्रस्तुत करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 के बाद बिहार की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में बड़ा बदलाव आया है। बिहार और झारखंड के अलग होने के समय राज्य की अर्थव्यवस्था काफी हद तक झारखंड से प्राप्त राजस्व पर निर्भर थी, लेकिन अब बिहार का बजट झारखंड से काफी आगे निकल चुका है। मुख्यमंत्री के अनुसार वर्ष 2024 में झारखंड का बजट 1.39 लाख करोड़ रुपये था, जबकि बिहार ने 3.17 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में 15 जुलाई को एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई। 700 मॉडल स्कूलों की स्थापना की गई है, जिनमें करीब 3.5 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप के माध्यम से 75 हजार शिक्षकों को जोड़ा गया है और रात में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है। फिलहाल रात में करीब 1.42 लाख बच्चे इस ऐप के माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बोधगया में भव्य कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। वाल्मीकिनगर में करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से भव्य लव-कुश पार्क बनाने की पहल की गई है। वहीं, सीतामढ़ी में करीब 1000 करोड़ रुपये की लागत से भव्य सीता मंदिर के निर्माण की दिशा में काम आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 दिसंबर 2028 से पहले भव्य सीता मंदिर का निर्माण पूरा कर उसे स्थापित कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की गौरवशाली विरासत और संस्कृति को दुनिया के सामने लाने के साथ राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने एकता का उदाहरण देते हुए कहा कि पांचों उंगलियां अलग-अलग होने पर उनकी ताकत सीमित रहती है, लेकिन मुट्ठी बनने पर यही एकता की ताकत बन जाती है। इसी तरह बिहार के विकास और समृद्धि के लिए सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा।
कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संजीव कुमार, बिहार प्रशासनिक सेवा की अधिकारी प्रीति कुमारी और सहायक आयुक्त धरनीधरा को बेहतर कार्य के लिए मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इस दौरान ‘स्वर्णिम दिन सम्राट के’ नामक स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास सह सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार, स्वास्थ्य मंत्री निशांत, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, सांसद उपेंद्र कुशवाहा, विधायक पप्पू वर्मा, विधायक रत्नेश कुशवाहा, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।












