-रेल ट्रैक किनारे होगी बैरिकेडिंग, हादसों और अपराध पर लगेगी रोक
मुजफ्फरपुर। रेलवे ट्रैक पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए रेल प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। सीआरओ (कैटल रन ओवर) और एमआरओ (मैन रन ओवर) की घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से रेलवे लाइन के दोनों किनारों पर बैरिकेडिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है।
पहले चरण में यह काम मुजफ्फरपुर जंक्शन से नारायणपुर तक तथा मुजफ्फरपुर-हाजीपुर रेलखंड में सोनपुर मंडल की सीमा मझौलिया रेल फाटक के आगे से रामदयालु स्टेशन तक कराया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रैक के किनारे बसे इलाकों में लोग अक्सर शॉर्टकट के लिए रेलवे लाइन पार करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। वहीं मवेशियों के ट्रैक पर पहुंच जाने से भी ट्रेन परिचालन प्रभावित होता है।
अधिकारियों ने बताया कि कई बार लोको पायलट को अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकनी पड़ती है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ ट्रेन संचालन पर भी असर पड़ता है। पिछले वर्ष बीबीगंज रेल फाटक के आगे भगवानपुर ओवरब्रिज के पास पटना की दो बहनें ट्रेन से कटकर मौत का शिकार हो गई थीं। ऐसी कई घटनाओं के बाद रेलवे ने ट्रैक के दोनों ओर मजबूत बैरिकेडिंग लगाने का निर्णय लिया है।
रेल प्रशासन का मानना है कि बैरिकेडिंग होने से लोग और मवेशी सीधे ट्रैक तक नहीं पहुंच सकेंगे, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इसके साथ ही रेल अपराधों पर भी अंकुश लगेगा। वंदे भारत समेत अन्य ट्रेनों पर होने वाली पत्थरबाजी, झपट्टामारी, मोबाइल चोरी और वैक्यूम कर फरार होने जैसी घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलेगी।
अधिकारियों ने बताया कि कई बार असामाजिक तत्व ट्रेन में वैक्यूम कर ट्रैक किनारे से भाग जाते हैं। बैरिकेडिंग लगने के बाद ऐसी गतिविधियों पर रोक लगेगी और आरपीएफ को कार्रवाई करने में आसानी होगी।
जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के लिए फरवरी में टेंडर जारी किया गया था, लेकिन संबंधित ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया। इसके बाद उसकी सिक्योरिटी मनी जब्त कर ली गई और अब दूसरे ठेकेदारों के माध्यम से कार्य कराया जा रहा है। इस परियोजना पर दोनों ओर बैरिकेडिंग के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे।
इंजीनियरिंग विभाग इसकी निगरानी कर रहा है। सहायक मंडल अभियंता सोगारथ पासवान ने कहा कि ट्रैक किनारे बसे क्षेत्रों में लोग अक्सर रेलवे लाइन पार करते हैं, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है। बैरिकेडिंग होने से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।












