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यूक्रेन के सॉफ्टवेयर से बदल देते थे मोबाइल का IMEI नंबर

यूक्रेन के सॉफ्टवेयर से बदल देते थे मोबाइल का IMEI नंबर

-ट्रिक जानकर फटी रह गई पुलिस की आंखें

संवाददाता। मुजफ्फरपुर।

बिहार में पुलिस इन दिनों ऑपरेशन मुस्कान चला रही है। इस ऑपरेशन के तहत पुलिस लोगों के गुम हुए मोबाइल को खोज लेने के बाद उन्हें बुलाती है। कार्यालय में लोगों को उनके मोबाइल सौंपती है। पुलिस के इस ऑपरेशन की लोगों ने काफी तारीफ की थी। पूर्व डीजीपी आरएस भट्टी के आने के बाद ये ऑपरेशन काफी युद्ध स्तर पर चलाया गया। बिहार के हजारों लोगों के गुम हुए मोबाइल उन्हें लौटाए गए। लेकिन मुजफ्फरपुर पुलिस को इस कड़ी में एक ऐसी बात पता चली है, जिसके बारे में जानकर पुलिस हैरान है। पुलिस ने सोचा भी नहीं था कि शातिर चोरी हुए मोबाइल के साथ इतना बड़ा खेल कर सकते हैं। आइए समझते हैं, पूरा माजरा क्या है


मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी अवधेश दीक्षित के मुताबिक ऑपरेशन मुस्कान के दौरान उन्हें गुम हुए मोबाइल मिले। इस दौरान पुलिस को पता चला कि सरैयागंज टावर के निकट स्थित मोबाइल क्लीनिक दुकान में चोरी की मोबाइल का आईएमईआई नंबर बदलकर उसे बाजार में बेचा जा रहा है। एसपी ने बताया कि ऑपरेशन मुस्कान के दौरान कुछ ऐसे मोबाइल मिले जिनका आईएमईआई नंबर बिल्कुल सेम था। इस तरह के 6 मोबाइल पुलिस ने बरामद किए। पूछताछ के दौरान मोबाइल दुकानदार ओम उर्फ चिरंजीवी ने स्वीकार किया कि उसने अब तक अस्सी मोबाइल नंबरों का आईएमईआई नंबर बदला है।
सिटी एसपी ने बताया कि यह आईपीसी की धारा के तहत कानूनन अपराध है, क्योंकि ऐसा करने के बाद चोरी अथवा छीनी गई मोबाइल के संबंध में किसी तरह की जानकारी हासिल करना मुश्किल हो जाता है। दुकानदार से हासिल जानकारी के अनुसार पेंडोरा नामक यह सॉफ्टवेयर मूलतः यूक्रेन का है। दुकानदार के द्वारा इसे रांची से खरीदा गया था। उसने बताया कि मोबाइल के मॉडल के अनुसार लॉक तोड़ने के लिए 500 से तीन हजार लिए जाते थे। इन मोबाइलों का आईएमईआई नंबर परिवर्तित कर दिया जाता था। उसके बाद मोबाइल खरीदने वाले आसानी से उसका उपयोग कर पाते थे।
मुजफ्फरपुर पुलिस ने इस दौरान छापेमारी की। इस छापेमारी में दुकान से पेंडोरा सॉफ्टवेयर लोड लैपटॉप, कंप्यूटर सेट, डोंगल और पेन ड्राइव की बरामदगी की की गई। इस मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई के लिए छानबीन कर रही है। पुलिस फिलहाल इस मामले की छानबीन में जुटी है। पुलिस को अनुमान है कि इस गिरोह के बाकी सदस्य भी ऐसा करते होंगे। इसके अलावा रांची तक इसका लिंक जुड़ा हुआ है। पुलिस उसके बारे में भी जानकारी हासिल कर रही है।