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मुजफ्फरपुर: सिमरा में फोटोयुक्त एडमिड कार्ड से 5वी एवं 8वीं के बच्चों की वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा शुरू

सिमरा मिड्ल स्कूल के नवप्रयोग से बच्चों में जबर्दस्त उत्साह

-फोटोयुक्त एडमिड कार्ड से 5वी एवं 8वीं के बच्चों की वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा शुरू
-232 बच्चे परीक्षा में शामिल

मुुुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक।

प्रखंड के विभिन्न सरकारी मिड्ल स्कूलों में पांचवी एवं आठवीं के छात्र छात्राओं के लिए वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा सोमवार से शुरू हो गया, वही प्रखंड के सिमरा मिड्ल स्कूल में बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर पांचवी एवं आठवीं के बच्चों के बीच फोटोयुक्त एडमिट कार्ड जारी किया गया है। एडमिट कार्ड के पहचान के आधार पर हीं स्कूल एवं कक्षा में एंट्री के साथ बोर्ड के नियमों को संदर्भित करते हुए कदाचार मुक्त परीक्षा संचालन की शुरुआत कराई गई है। स्कूल के शिक्षक सुरेंद्र प्रसाद के विशेष पहल एवं उनके निजी खर्चे से स्कूल के दोनों कक्षाओं के सैकड़ो बच्चों के निशुल्क फोटो युक्त कलर एडमिट कार्ड बनवाए गए हैं और एडमिट कार्ड के आधार पर उनकी परीक्षा की शुरुआत कराई गई है।परीक्षा केंद्र पर बोर्ड परीक्षा की तर्ज बेंच-डेस्क एवं दीवार पर रोल सीट चिपकाए गए हैं। इस व्यवस्था को लेकर बच्चों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। विद्यालय के शिक्षक सुरेंद्र प्रसाद ने सोमवार को इस दौरान बताया कि सिमरा मिड्ल स्कूल में पांचवी एवं आठवीं के बच्चों की आज से वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा शुरू की गई है जो 21 तारीख तक चलेगी। परीक्षा में कुल 232 बच्चे शामिल हो रहे हैं। दो पालियों में परीक्षा आयोजित की जा रही है।

सोमवार को पहली पाली में हिंदी एवं दूसरी पाली में अंग्रेजी विषय की परीक्षा आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि पहली से चौथी तथा छठी एवं सातवीं कक्षा की परीक्षा 21 तारीख से शुरू होगी जो 28 तारीख तक चलेगी। इस परीक्षा में करीब 800 से ज्यादा बच्चे शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि सरकारी विद्यालयों में एडमिट कार्ड के आधार पर परीक्षा की परंपरा नहीं है, लेकिन विशेष प्रयोग के तौर पर उन्होंने पिछले दो सालों से निजी खर्चों की बदौलत एडमिट कार्ड से परीक्षा लेने की परंपरा की शुरुआत की है।इससे बच्चों में उत्साह देखा जाता है, साथ ही बोर्ड की परीक्षा को लेकर बच्चे पूर्व प्रशिक्षित हो जाते हैं। जिससे अभी से प्रशिक्षित होते और इस सिस्टम में ढलते हुए बच्चे मैट्रिक – इंटर के बोर्ड परीक्षा में सहज रूप से शामिल होकर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। उनके इस विशेष प्रयास को लेकर सिमरा स्कूल सहित क्षेत्र के अन्य विद्यालयों के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं में भी प्रेरणा का संदेश जाता है।अन्य विद्यालयों के बच्चे भी उत्साहित और प्रेरित होते हैं।