-मुजफ्फरपुर में नगर निगम के संविदा कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, शहर में 200 टन कचरे का लगा अंबार
मुजफ्फरपुर। नगर निगम के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सैकड़ों संविदा कर्मी नगर निगम कार्यालय परिसर में धरने पर डटे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द मांगें पूरी करने की अपील की।
हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बाबा गरीबनाथ मंदिर क्षेत्र समेत पूरे शहर में कहीं भी कचरे का उठाव नहीं हो सका। नगर निगम के अनुसार करीब 200 टन कचरा शहर में जमा हो गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक खराब स्थिति मोतीझील, मिठनपुरा, सरैयागंज, इमलीचट्टी, सरकारी बस स्टैंड और मोतीझील फ्लाईओवर के आसपास देखने को मिल रही है, जहां कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं।
गौरतलब है कि गुरुवार को समान काम के लिए समान वेतन तथा एनजीओ के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को नगर निगम कर्मी घोषित करने की मांग को लेकर सफाई कार्य पूरी तरह ठप कर दिया गया था। श्रावणी मेला और बाबा गरीबनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने गुरुवार को अंचल निरीक्षकों के साथ आपात बैठक भी की थी, ताकि सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए वैकल्पिक उपाय किए जा सकें।

शुक्रवार को हड़ताल के दूसरे दिन प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के समर्थन में विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) वंशीधर ब्रजवासी भी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने कर्मियों की मांगों को जायज बताते हुए आंदोलन को अपना समर्थन दिया और सरकार से शीघ्र समाधान निकालने की अपील की।
धरने पर बैठे संविदा कर्मियों का कहना है कि वे शहर की स्वच्छता और स्वास्थ्य व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्धारित आठ घंटे से अधिक 12 घंटे तक भी काम करते हैं, लेकिन उन्हें उचित वेतन और अधिकार नहीं मिल रहे हैं। उनका आरोप है कि नगर विकास एवं आवास विभाग लगातार उनकी मांगों की अनदेखी कर रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
यह आंदोलन बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन और बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के संयुक्त बैनर तले पूरे राज्य में चलाया जा रहा है। संयुक्त मोर्चा के नेता अशोक कुमार सिंह ने कहा कि उनकी दो प्रमुख मांगें हैं—समान काम के लिए समान वेतन तथा एनजीओ के माध्यम से नियुक्त सभी कर्मचारियों को नगर निगम का नियमित कर्मी घोषित किया जाए।
वहीं,मेयर निर्मला साहू ने कहा कि यह राज्यव्यापी आंदोलन है और सरकार तक कर्मचारियों की मांग लगातार पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सावन माह में सफाई व्यवस्था का विशेष महत्व है, इसलिए सरकार को यूनियन नेताओं से वार्ता कर जल्द समाधान निकालना चाहिए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।












