-माड़ीपुर आरओबी पर मरम्मत जारी, फिर भी धड़ल्ले से दौड़ रहे भारी वाहन; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मुजफ्फरपुर: शहर के सबसे व्यस्त माड़ीपुर रेल ओवरब्रिज (आरओबी) पर एक ओर करोड़ों रुपये की लागत से मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है, तो दूसरी ओर उसी पुल पर भारी वाहनों का बेधड़क परिचालन जारी है। विशेषज्ञों की चेतावनी और प्रशासन के आदेश के बावजूद ट्रकों की आवाजाही नहीं रुकने से लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार पुल निर्माण निगम ने माड़ीपुर आरओबी की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है। फिलहाल पुल के पिलरों और सतह पर आई दरारों को एपॉक्सी तकनीक से भरा जा रहा है। इसके बाद ज्वाइंट एक्सपेंशन और बेयरिंग की मरम्मत की जाएगी। करीब ₹4.5 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना को तीन महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

गौरतलब है कि आरओबी की तकनीकी जांच करने वाली आईआईटी पटना की विशेषज्ञ टीम ने अपनी रिपोर्ट में पुल पर भारी वाहनों का परिचालन तत्काल बंद करने की सिफारिश की थी। इसके आधार पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने भी भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था। इसके बावजूद पिछले करीब 20 दिनों से ट्रक और अन्य भारी वाहन लगातार पुल से गुजर रहे हैं।
भारी वाहनों को रोकने के लिए पुल निर्माण निगम की ओर से माड़ीपुर और जूरन छपरा की तरफ हाईट बैरियर लगाए गए थे, लेकिन ट्रकों की टक्कर से ये बैरियर तीन बार क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। हर बार मरम्मत के बाद दोबारा लगाए गए बैरियर फिर टूट गए। लगातार नुकसान के बाद अब तक नया बैरियर नहीं लगाया जा सका है, जिससे भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।
इधर, पुल पर मरम्मत कार्य और भारी वाहनों के एक साथ परिचालन ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि जब विशेषज्ञ पहले ही संभावित खतरे की चेतावनी दे चुके हैं, तब प्रशासन को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराना चाहिए। उनका मानना है कि मरम्मत कार्य पूरा होने तक पुल पर भारी वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगाना ही सबसे सुरक्षित और व्यावहारिक कदम होगा।












