-भारतीय भाषा उत्सव एवं समर कैंप में बच्चों ने जाना स्थानीय संस्कृति और परंपरा का महत्व
राजापाकर-संजय श्रीवास्तव। भारतीय भाषा उत्सव एवं समर कैंप के तहत पीएम श्री मध्य विद्यालय राजापाकर में आयोजित गतिविधियों के तृतीय दिवस पर बच्चों ने गीत-संगीत, नृत्य, चित्रकला, स्थानीय संस्कृति प्रस्तुति एवं भाषा आधारित रचनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यालय के पोषक क्षेत्र राजापाकर उत्तरी पंचायत के चौरी पर ग्राम स्थित वार्ड संख्या आठ में आयोजित अष्टयाम यज्ञ अनुष्ठान में भी बच्चों की सहभागिता कराई गई।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपरा एवं स्थानीय धार्मिक अनुष्ठानों के महत्व की जानकारी दी। शिक्षकों ने बताया कि ऐसे आयोजन हमारी भारतीय सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिन्हें हमारे पूर्वजों ने आरंभ किया था और आज भी समाज में इसकी विशेष महत्ता बनी हुई है।

बच्चों ने यज्ञ अनुष्ठान को नजदीक से देखा, समझा और अपनी सांस्कृतिक धरोहर के बारे में जानकारी प्राप्त की। स्थानीय लोगों ने भी बच्चों की सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।
इस मौके पर प्रधानाध्यापक प्रभात कुमार चौधरी, शिक्षक धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, दिलीप कुमार साह, शत्रुघन राम, गीता कुमारी, रीता कुमारी सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।












