-बिहार में मौसम का बदलेगा मिजाज, 27 मार्च को आंधी-बारिश और वज्रपात की चेतावनी
पटना:बिहार में बढ़ती गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने 27 मार्च को राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक, भारी बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। कई जिलों के लिए नारंगी चेतावनी घोषित की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से राज्य में मौसम शुष्क बना हुआ था और तेज धूप के कारण गर्मी में इजाफा हो रहा था। लेकिन अब पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणाली के सक्रिय होने से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
पूर्वानुमान के मुताबिक 27 मार्च को पूरे बिहार में तेज आंधी के साथ मौसम बिगड़ सकता है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। कई इलाकों में गरज के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि भी हो सकती है।
मौसम विभाग ने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सीवान, सारण, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल समेत 18 जिलों में ओले गिरने की आशंका जताई है। इन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

रामनवमी के अगले दिन यानी 28 मार्च को भी मौसम पूरी तरह सामान्य नहीं होगा। भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल को छोड़कर बाकी 32 जिलों में तेज हवा और बारिश की संभावना बनी रहेगी। इन इलाकों के लिए वज्रपात को लेकर पीली चेतावनी जारी की गई है।
मौसम में बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ेगा। फिलहाल राज्य में अधिकतम तापमान 30 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, लेकिन आंधी और बारिश के बाद इसमें गिरावट आने की संभावना है। पटना, गया, बक्सर और कैमूर जैसे जिलों में लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। तेज आंधी और बारिश के समय घर से बाहर निकलने से बचें, खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। वज्रपात के खतरे को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रशासन ने भी सभी जिलों को अलर्ट पर रखा है और आपदा प्रबंधन की टीमें तैयार रखी गई हैं। किसानों को फसलों और पशुओं की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है।
बिहार में अगले दो दिनों तक मौसम का मिजाज अस्थिर रहने वाला है। ऐसे में थोड़ी राहत के साथ खतरे की भी आशंका बनी हुई है, इसलिए सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।












