-बिजली विहीन यादव नगर पीएचसी में डर के साये में काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मी, बड़ी घटना की आशंका
चतरा। चतरा जिले के प्रतापपुर प्रखंड स्थित यादव नगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत बद से बदतर होती जा रही है। जर्जर भवन, टूटता प्लास्टर और बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में यहां कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी भय और असुरक्षा के माहौल में काम करने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्थिति को लेकर कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
स्वास्थ्य केंद्र में तैनात सीएचओ ज्योति सौय समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि केंद्र में लंबे समय से बिजली की सुविधा नहीं है। इस समस्या को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कर्मचारियों का कहना है कि रात के समय अंधेरे में मरीजों का इलाज करना बेहद कठिन हो जाता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
स्वास्थ्यकर्मी संजय और अन्य कर्मचारियों ने बताया कि केंद्र में करीब आधा दर्जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मी रहते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में सभी डर के साये में दिन-रात गुजारने को विवश हैं। जर्जर भवन से लगातार प्लास्टर गिरने के कारण कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

स्थानीय ग्रामीणों ने भी स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि आसपास के गरीब और ग्रामीण मरीज इलाज के लिए इसी केंद्र पर निर्भर हैं, लेकिन यहां बिजली जैसी आवश्यक सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधियों पर भी उपेक्षा का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि न तो कोई जनप्रतिनिधि और न ही विभागीय अधिकारी स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के सरकारी दावों के बीच यादव नगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी संस्थाएं आखिर कब तक मूलभूत सुविधाओं के अभाव में संघर्ष करती रहेंगी।












