Advertisement

बगहा में मगरमच्छों का आतंक: दो हमलों के बाद ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर रातों-रात बनाया चचरी पुल

-बगहा में मगरमच्छों का आतंक: दो हमलों के बाद ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर रातों-रात बनाया चचरी पुल

बगहा। पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल अंतर्गत नौरंगिया थाना क्षेत्र में भपसा नहर मगरमच्छों के आतंक का केंद्र बन गई है। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सरकारी स्तर पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से निराश ग्रामीणों ने खुद पहल करते हुए चंदा और श्रमदान के सहारे रातों-रात नहर पर चचरी पुल बनाकर आवागमन की व्यवस्था कर ली।
जानकारी के अनुसार, सिरिसिया गांव से होकर गुजरने वाली भपसा नहर में गंडक नदी से आए मगरमच्छों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। बारिश और बाढ़ के पानी के साथ नहर में पहुंचे मगरमच्छ ग्रामीणों, किसानों और राहगीरों के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं।
बीते 20 जुलाई को मगरमच्छ के हमले में किसान केदार बैठा की मौत हो गई थी। इसके बाद रविवार सुबह नहर पार कर रही एक महिला पर भी मगरमच्छ ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। लगातार दो घटनाओं के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल हैं।


ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों से सुरक्षा की मांग की गई, लेकिन तत्काल कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। इसके बाद ग्रामीणों ने स्वयं आगे आकर चंदा एकत्र किया और श्रमदान के जरिए नहर पर अस्थायी चचरी पुल का निर्माण कर लिया, ताकि लोगों को जान जोखिम में डालकर पानी से होकर न गुजरना पड़े।
वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने भी ग्रामीणों की पहल का समर्थन करते हुए चचरी पुल निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि बरसात और बाढ़ के दौरान स्थायी पुल का निर्माण संभव नहीं था, इसलिए लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल राहत के रूप में यह व्यवस्था कराई गई।
इधर, वन विभाग ने भी मगरमच्छ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। विभाग ने लोगों से नहर पार करने में सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से पानी के करीब नहीं जाने की अपील की है।
भपसा नहर में मगरमच्छों का बढ़ता आतंक अब प्रशासन और वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। फिलहाल चचरी पुल बनने से ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है, लेकिन जब तक मगरमच्छों को सुरक्षित तरीके से पकड़ा नहीं जाता, तब तक इलाके में खतरा पूरी तरह टलने वाला नहीं है।