-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीवान से बिहार को दी 5,200 करोड़ की सौगात,
-बोले— “बिहार बनेगा ‘मेड इन इंडिया’ का प्रमुख केंद्र”
-गरीबी पर भारी पड़ा विकास
-अफ्रीका को भेजा गया पहला ‘मढ़ौरा’ इंजन
सीवान | 20 जून 2025 | विशेष संवाददाता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के सीवान में 5,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर राज्य को कई बड़ी सौगातें दीं। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने बिहार की पुण्य भूमि को नमन करते हुए बाबा महेंद्रनाथ, हंसनाथ, मां थावे भवानी और देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पीएम मोदी ने कहा, “सीवान की भूमि लोकतंत्र और संविधान को दिशा देने वाली प्रेरणास्थली रही है। यहां से निकले सपूतों ने देश को राह दिखाई है। आज बिहार को फिर वही गौरव लौटाने का वक्त है।”
सीवान से चला अफ्रीका तक “मेड इन इंडिया” का इंजन:
प्रधानमंत्री ने मढ़ौरा लोकोमोटिव फैक्ट्री में निर्मित पहले हाई-पावर इंजन को अफ्रीका के लिए रवाना किया। उन्होंने कहा कि यह दिन सिर्फ बिहार ही नहीं, पूरे भारत के लिए गौरव का क्षण है। यह कारखाना अब वैश्विक मानचित्र पर “मेड इन इंडिया – मेक फॉर द वर्ल्ड” का प्रतीक बनेगा।
बिहार को जोड़ेगा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर:
पीएम मोदी ने नई वैशाली-देवरिया रेललाइन, पटना-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस समेत कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सावन से पहले बाबा हरिहरनाथ की भूमि को बाबा गोरखनाथ की धरती से जोड़ दिया गया है।
रेल, सड़क, जलमार्ग और वंदे भारत जैसी आधुनिक सुविधाएं अब बिहार के विकास की रफ्तार को कई गुना तेज करेंगी।
गरीबी पर प्रहार: 25 करोड़ ने गरीबी को दी मात
प्रधानमंत्री ने कहा, “पिछले 10 वर्षों में देश के 25 करोड़ लोगों ने गरीबी को हराया है। इसमें बिहार की बड़ी भूमिका है। राज्य में करीब 4 करोड़ लोग अब गरीबी रेखा से ऊपर आ चुके हैं।”
उन्होंने बताया कि बिहार में 57 लाख पक्के घर बन चुके हैं, 1.5 करोड़ घरों को बिजली और नल जल योजना से जोड़ा गया है। सीवान जिले में ही 1.10 लाख घरों का निर्माण हो चुका है।

बिहार को पिछड़ापन नहीं, प्रगति की पहचान चाहिए
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने बिहार को जानबूझकर पिछड़ा रखा। उन्होंने भ्रष्टाचार, माफिया राज और अराजकता का जिक्र करते हुए कहा कि इन ताकतों को फिर से बिहार पर कब्जा करने से रोकना होगा।
“बिहार के युवाओं की मेहनत और माटी की ताकत विकास की सबसे बड़ी गारंटी है। आज बिहार सिर्फ मजदूरों की धरती नहीं, मेक इन इंडिया का इंजन बन रहा है।”
पेयजल, ऊर्जा और स्वच्छता को मिली नई दिशा:
प्रधानमंत्री ने नमामि गंगे योजना के तहत 1800 करोड़ की लागत से छह सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स का उद्घाटन किया। साथ ही 3000 करोड़ की जलापूर्ति, स्वच्छता और एसटीपी परियोजनाओं की भी नींव रखी।
उन्होंने बिहार के 15 जिलों में 500 मेगावाट क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली की स्थापना की घोषणा की।
जनता से आह्वान— “राजनीति नहीं, अब राष्ट्रनीति चाहिए”
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब बिहार को बंद दुकानों और ठप पड़े उद्योगों की राजनीति नहीं चाहिए।
“पहले बिचौलिए राशन खा जाते थे, अब गरीबों के खाते में सीधे लाभ पहुंचता है। पहले गैस के लिए सांसद की चिट्ठी चाहिए होती थी, अब हर रसोई घर में उज्ज्वला की रसोई जल रही है।”
अंत में— बिहार के युवाओं को किया संबोधित:
प्रधानमंत्री ने युवाओं से कहा कि “आप बिहार के पुनर्निर्माण की धुरी हैं। जो राज्य एक समय पलायन की पहचान बन चुका था, वही अब देश के औद्योगिक भविष्य का नेतृत्व करेगा।”
इस ऐतिहासिक अवसर पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्रीगण और एनडीए के प्रमुख नेता मंच पर मौजूद रहे।
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