-नेपाल में कांवरिया की मौत के बाद बवाल, कई शहरों में कर्फ्यू; विरोध प्रदर्शन तेज
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर। नेपाल के सुनसरी जिले में कांवरियों के एक जत्थे पर हुए विवाद और उसके बाद पुलिस फायरिंग में एक कांवरिया की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया है। घटना के विरोध में कई शहरों में प्रदर्शन, बाजार बंद और यातायात बाधित होने की खबर है। स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लागू कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
बताया गया कि रविवार रात सुनसरी जिले के देवानगंज स्थित कप्तानगंज क्षेत्र में सप्तकोसी से जल भरने जा रहे कांवरियों का जत्था डीजे पर भक्ति गीत बजाते हुए आगे बढ़ रहा था। आरोप है कि एक मस्जिद के पास डीजे बजाने को लेकर दूसरे समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। इसके बाद पथराव और मारपीट हुई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर फायरिंग की।

घटना में एक दर्जन से अधिक कांवरिया घायल हुए, जिनका इलाज विराटनगर के नोबेल अस्पताल में चल रहा है। इनमें से एक कांवरिया की इलाज के दौरान मौत हो गई। झड़प में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है। घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
सोमवार सुबह होते ही घटना की खबर पूरे मधेश क्षेत्र में फैल गई। सुनसरी, विराटनगर, जनकपुरधाम, वीरगंज समेत कई शहरों में हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। कई स्थानों पर टायर जलाए गए तथा नेपाल के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। सुनसरी सहित कई शहरों में प्रशासन ने कर्फ्यू लागू कर दिया और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई।
घटना के बाद नेपाल के गृह मंत्रालय ने प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए डीआईजी विनोद घिमिरे, सुनसरी के मुख्य जिला अधिकारी (सीडीओ) बासुदेव घिमिरे तथा एसपी केशव थेवे का तबादला कर दिया है।
मंगलवार को भी पूर्व-पश्चिम राजमार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है।
इधर, विश्व हिंदू परिषद नेपाल, धनुषा इकाई के अध्यक्ष संतोष साह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को धनुषा के सीडीओ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई, मृतक के परिजनों को 10 लाख का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा घायलों का सरकारी खर्च पर इलाज कराने की मांग की गई है.
नोट: यह खबर उपलब्ध प्रत्यक्ष विवरण और दावों पर आधारित है। घटना से जुड़े आरोपों और परिस्थितियों की आधिकारिक जांच जारी है।












