-नेपाल के “हैनीमैन” डॉ. उपेन्द्र साह: असाध्य रोगों के सफल होम्योपैथ चिकित्सक
✍🏻 जनकपुरधाम। मिश्री लाल मधुकर।
नेपाल के जनकपुरधाम निवासी डॉ. उपेन्द्र साह आज “नेपाल के हैनीमैन” के नाम से प्रसिद्ध हैं। उन्होंने कैंसर, किडनी फेल्योर, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी असाध्य मानी जाने वाली बीमारियों से पीड़ित सैकड़ों मरीजों को नया जीवन दिया है। होम्योपैथी चिकित्सा के माध्यम से उन्होंने न केवल चमत्कारी इलाज किए हैं, बल्कि आधुनिक चिकित्सा से निराश हो चुके रोगियों को भी जीवन की नई आशा दी है।
कैंसर के अंतिम चरण से वापस लौटे मरीज:
कैंसर से जूझ रहे पुष्पेन्द्र यादव हों या किडनी फेल्योर से पीड़ित मुनिया थारु, जिन्हें डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था—डॉ. उपेन्द्र साह के इलाज से दोनों आज स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। ऐसे ही सैकड़ों रोगियों को उन्होंने ठीक किया है, जिसके कारण लोग उन्हें आधुनिक होम्योपैथी के हैनीमैन की उपाधि दे चुके हैं।
गोली गलाकर जान बचाई:
बिहार के मधुबनी जिले के ललमनिया गांव निवासी जगन्नाथ दास की गर्दन में गोली फंसी थी। दिल्ली AIIMS तक ने ऑपरेशन से इनकार कर दिया था। लेकिन डॉ. साह ने होम्योपैथिक दवा से सिर्फ एक दिन में ही गोली को गलाकर उसे ठीक कर दिया। यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।
ड्रॉप्सी और एड्स जैसी बीमारियों में भी सफलता:
ड्रॉप्सी और एड्स जैसे गंभीर रोगों से भी कई मरीजों को उन्होंने राहत दिलाई है। खास बात यह है कि उन्होंने कैंसर के चौथे स्टेज और डायलिसिस पर जा चुके किडनी रोगियों का भी सफल इलाज किया है।

होम्योपैथी को समर्पित जीवन
साधारण कद-काठी के डॉ. उपेन्द्र साह प्रतिदिन 12 घंटे शोध कार्य में समय देते हैं। जनकपुरधाम के वार्ड 23 वेला स्थित उनके क्लीनिक में न केवल नेपाल, बल्कि भारत के बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं।
डॉ. साह का मानना है कि—
> “होम्योपैथ में सभी बीमारियों का इलाज संभव है, बशर्ते रोगी के सभी लक्षण स्पष्ट हों और दवा उच्च गुणवत्ता की हो। यह चिकित्सा धीरे-धीरे असर करती है, लेकिन रोग की जड़ तक जाकर इलाज करती है।”
उनकी इस अद्भुत सेवा के लिए कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं उन्हें सम्मानित कर चुकी हैं। वे आज नेपाल और भारत दोनों देशों में विश्वास और प्रेरणा के प्रतीक बन चुके हैं।















