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तीन माह में माटी कला बोर्ड का गठन होगा, प्रजापति समाज को आगे बढ़ाने और न्याय दिलाने के लिए सरकार खड़ी : मुख्यमंत्री

-तीन माह में माटी कला बोर्ड का गठन होगा, प्रजापति समाज को आगे बढ़ाने और न्याय दिलाने के लिए सरकार खड़ी : मुख्यमंत्री

पटना, 23 अगस्त(दीपक कुमार तिवारी)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार में अगले तीन माह के भीतर माटी कला बोर्ड का गठन किया जाएगा। बोर्ड के माध्यम से कुम्हार (प्रजापति) समाज और माटी कला से जुड़े कारीगरों के हित में योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। कारीगरों को आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण देने के साथ उनके उत्पादों के बेहतर विपणन एवं बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की जाएगी।
मुख्यमंत्री रविवार को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में बिहार कुम्हार (प्रजापति) समन्वय समिति की ओर से आयोजित अमर शहीद रामचंद्र विद्यार्थी के शहादत दिवस एवं नवनिर्वाचित विधान पार्षदों के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ उन्होंने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद उन्होंने अमर शहीद रामचंद्र विद्यार्थी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महज 13 वर्ष की आयु में रामचंद्र विद्यार्थी ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनका जीवन और बलिदान सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद करना और उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी का दायित्व है। उन्होंने पंडित राजकुमार शुक्ल और अमर शहीद रामफल मंडल को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रजापति समाज साधारण मिट्टी को भी गढ़कर सुंदर स्वरूप देने का काम करता है। कुम्हार समाज ने अपनी कला, श्रम और हुनर के माध्यम से सदियों से बिहार की संस्कृति और परंपरा को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि प्रजापति समाज को आगे बढ़ाने के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है।


उन्होंने कहा कि प्रजापति समाज से शीला पंडित और शिवरानी प्रजापति को विधान पार्षद के रूप में जिम्मेदारी मिली है। मुख्यमंत्री ने दोनों से समाज के बीच जाकर उसके विकास और न्याय के लिए काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जहां जरूरत होगी, प्रजापति समाज को आगे बढ़ाने और न्याय दिलाने के लिए सरकार उसके साथ खड़ी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की माटी कला समृद्ध लोक एवं पारंपरिक संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। माटी कला बोर्ड के गठन के बाद कारीगरों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी लोगों को 125 यूनिट बिजली दी जा रही है और वृद्धा पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी गई है। सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर किया जा रहा है। निर्धारित अवधि में आवेदन पर आदेश नहीं देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि अब तक साढ़े छह लाख आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत 1 करोड़ 81 लाख बहनों के खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि भेजी गई है, ताकि वे अपना रोजगार शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि कोसी, गंडक और गंगा नदी के दोनों किनारों को व्यवस्थित करने पर भी काम किया जा रहा है।
कार्यक्रम में खान एवं भूतत्व सह कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह, विधायक आलोक सिंह, विधायक वशिष्ठ सिंह, विधान पार्षद शीला पंडित, विधान पार्षद शिवरानी प्रजापति, बिहार कुम्हार (प्रजापति) समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष रूपेश कुमार पंडित, प्रदेश महामंत्री प्रजापति पिंटू गुरुजी सहित कई गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।