-झारखंड का भी संबंध रामायण काल से हैं:-अरुण साहू
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर।
झारखंड का भी जनकपुरधाम से संबंध हैं। उपरोक्त बातें कांग्रेस पार्टी के युवा नेता तथा तिलेश्वर साहू सेना के संयोजक , झारखंड तेली समाज के अध्यक्ष अरुण साहू ने जानकारी दी है।
उन्होंने कहा कि जगत जननी माता सीता का संबंध जनकपुरधाम से है।उसी तरह झारखंड में हनुमान जी का जन्म स्थल गुमला जिले के अंजना गांव में अभी भी हनुमान जी का साक्ष्य मौजूद हैं। परशुराम का तपस्वी स्थल गुमला जिले के टांगी नाथ स्थान में अभी भी भगवान का फरसा मौजूद हैं। जहां वर्षों तक परशुराम तपस्या किए थे।देश विदेश के लोग दर्शन हेतु पहुंचते हैं।

आगे उन्होंने कहा कि झारखंड के बाबा धाम देवघर में नेपाल के बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी तरह जनकपुरधाम के जानकी मंदिर तथा काठमांडू के पशुपति दर्शन के लिए झारखंड से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। रांची के कांके में मानसिक अस्पताल में नेपाल के भी रोगी मिल जायेंगे। इसलिए नेपाल तथा भारत (झारखंड राज्य) राजनीति रुप से अलग होते हुए दोनोभौगोलिक समानता है।इस दौरान बरही बिधान सभा के पूर्व प्रत्याशी शावी देवी , प्रदीप साहू, लक्ष्मी साह , सतीश कुमार केशरी सहित कई लोग मौजूद थे।











