-झपहा डीह जमीन विवाद में विधायक के आवास पर पुलिस की छापेमारी, तीन DSP के साथ पहुंची टीम
मुजफ्फरपुर। अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहा डीह में जमीन विवाद को लेकर पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। इसी मामले में सीतामढ़ी के बेलसंड से LJP विधायक अमित कुमार रानू के मुजफ्फरपुर स्थित आवास पर रविवार सुबह पुलिस ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान तीन DSP के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पूरे अभियान की कमान मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने संभाली।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई झपहा डीह में जमीन विवाद से जुड़े मामले में की गई है। आरोप है कि दो दिन पहले LJP का झंडा लगी कई गाड़ियों का काफिला JCB मशीन के साथ विवादित जमीन पर पहुंचा था। इसके बाद वहां कई लोगों की जमीन पर बनी बाउंड्री और मकानों को कथित तौर पर JCB से ध्वस्त कर दिया गया। पीड़ितों ने विरोध करने पर मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया है।
मामले में अब तक करीब 13 लोगों की ओर से अहियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराए जाने की जानकारी सामने आई है। शिकायतों के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
जांच आगे बढ़ने के साथ मामले की आंच LJP विधायक के परिवार तक पहुंचती दिखाई दे रही है। पुलिस के मुताबिक विधायक के भाई सोनू सिंह की भूमिका भी जांच के दायरे में है। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम सोनू सिंह की तलाश में विधायक के आवास पर पहुंची थी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह वहां से फरार हो गया।

पुलिस ने अदालत से सर्च वारंट हासिल करने के बाद विधायक के आवास पर तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस को वहां से हस्ताक्षरित एक संदिग्ध स्टांप पेपर बरामद हुआ है। पुलिस इस दस्तावेज की जांच कर रही है कि इसका जमीन विवाद से क्या संबंध है और इसे किस उद्देश्य से तैयार या इस्तेमाल किया गया था।
SSP कांतेश कुमार मिश्रा के मुताबिक, झपहा डीह में प्लॉटिंग वाली जमीन पर विधायक के भाई सोनू सिंह के साथ कुछ लोगों के पहुंचने और JCB से बाउंड्री वॉल तथा मकानों को गिराए जाने की शिकायत मिली थी। इसके बाद पीड़ितों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई, जिसमें विधायक अमित कुमार रानू पर भी आरोप लगाए गए हैं। SSP ने कहा कि विधायक की भूमिका फिलहाल जांच के दायरे में है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
विधायक के आवास पर छापेमारी के बाद SSP खुद पुलिस काफिले के साथ झपहा डीह स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने विवादित जमीन का निरीक्षण किया और प्रभावित लोगों से बातचीत की। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन पर JCB किसके निर्देश पर पहुंची, मशीन किसके जरिए लाई गई और घटनास्थल पर मौजूद लोगों की वास्तविक भूमिका क्या थी।
इस पूरे मामले ने मुजफ्फरपुर में जमीन विवाद और कथित दबंगई को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। JCB से मकान और बाउंड्री ढहाने के आरोप, मारपीट की शिकायत, विधायक के भाई की तलाश, विधायक के आवास पर पुलिस छापेमारी और संदिग्ध स्टांप पेपर की बरामदगी के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
फिलहाल पुलिस की जांच विधायक अमित कुमार रानू, उनके भाई सोनू सिंह और घटनास्थल पर कथित तौर पर मौजूद अन्य लोगों की भूमिका पर केंद्रित है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोनू सिंह की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
अब पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि झपहा डीह की जमीन पर JCB चलाने के पीछे किसकी भूमिका थी और विधायक के आवास से बरामद संदिग्ध स्टांप पेपर इस पूरे विवाद से जुड़ी क्या जानकारी सामने लाता है।












