जनकपुरधाम के झूलन कुंज में धूमधाम से मनाया गया झूला उत्सव, भारत-नेपाल से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर। जनकपुरधाम के अग्निकुंड क्षेत्र स्थित झूलन कुंज में श्रावण तृतीया के अवसर पर झूला उत्सव धूमधाम और भक्तिमय माहौल में मनाया गया। उत्सव में नेपाल के विभिन्न हिस्सों के साथ भारत से भी सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे परिसर में भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा।
झूला उत्सव के अवसर पर भगवान श्रीराम और माता सीता को गृह से बाहर सुसज्जित पालने पर विराजमान कराया गया। इसके बाद रेशम की डोर से पालने को झुलाया गया। शाम से लेकर मध्य रात्रि तक मठ परिसर में कीर्तन-भजन का दौर चलता रहा। राम-सीता तथा राधा-कृष्ण से जुड़ी झूला गीतों की प्रस्तुति विभिन्न गायकों ने दी। भक्ति गीतों पर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए।
झूलन कुंज के महंत श्री राम प्रिया शरण जी महाराज ने बताया कि इस मठ में करीब दो सौ वर्षों से झूला महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। पौराणिक मान्यता के अनुसार अग्निकुंड क्षेत्र कभी उपवन हुआ करता था। मान्यता है कि जिस स्थान पर वर्तमान में मठ स्थित है, वहां श्रावण मास में माता सीता अपनी सखियों के साथ झूला झूलती थीं। इसी धार्मिक परंपरा के कारण इस मठ का नाम झूलन कुंज पड़ा।
झूलन कुंज के अलावा जनकपुरधाम स्थित जानकी मंदिर, राम मंदिर, सुंदर सदन, बिहार कुंड, श्रृंगार सदन सहित विभिन्न मठ-मंदिरों में भी झूला उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और भगवान के विग्रहों को विशेष रूप से सुसज्जित झूलों पर विराजमान कराया गया।
झूला उत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। दूर-दराज से पहुंचे भक्तों ने पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीराम और माता सीता का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर जनकपुरधाम के विभिन्न मठ-मंदिरों में वृहद भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे जनकपुरधाम में झूला उत्सव के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण बना रहा।












