-राजापाकर में शांतिपूर्ण माहौल में निकला मोहर्रम का ताजिया जुलूस, कर्बला मैदान में जुटे दर्जनों गांवों के लोग
राजापाकर, संवाददाता (संजय श्रीवास्तव)। राजापाकर प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण एवं पारंपरिक तरीके से मनाया गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में इस्लाम धर्मावलंबियों ने ताजिया और शीपल के साथ श्रद्धा एवं आस्था के साथ जुलूस निकाला। पूरे क्षेत्र में भाईचारे और सौहार्द का वातावरण देखने को मिला।
प्रखंड के राजापाकर तकिया टोला, भुवनेश्वर चौक, पुरानी बाजार, बैकुंठपुर, बाकरपुर, जफरपट्टी, बखरी, पोखरैरा समेत कई गांवों से ताजिया जुलूस निकाले गए। सभी जुलूस पोखरैरा स्थित कर्बला मैदान पहुंचे, जहां आसपास के दर्जनों गांवों से आए ताजिया जुलूसों का संगम हुआ। इस दौरान पारंपरिक खेल-तमाशों और करतबों का भी प्रदर्शन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

स्थानीय ग्रामीण बाबर खान ने बताया कि मोहर्रम का पर्व हजरत इमाम हुसैन, उनके परिवार और 72 साथियों की शहादत की याद में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि 680 ईस्वी में कर्बला के मैदान में अन्याय, अत्याचार और यजीद की सत्ता के विरुद्ध सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए हजरत इमाम हुसैन ने अपने परिवार एवं साथियों के साथ सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनका त्याग आज भी पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने बताया कि मोहर्रम के अवसर पर शिया समुदाय के लोग मातम करते हैं, जबकि सुन्नी समुदाय के लोग रोजा रखकर इबादत करते हैं। यह पर्व त्याग, धैर्य, इंसानियत और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का संदेश देता है।
इस अवसर पर स्थानीय मुखिया मंजे लाल राय, बाबर खान, रहमान खान, शाकिर खान, मो. कमरुल, मो. गुलाम शाबिर, मो. इस्लाम, मो. नईम, मो. शहीम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।












