-जदयू के भीतर कौन हैं बीजेपी के पैरोकार!
-नीतीश कुमार की चिंता बढ़ाएंगे ये चार नेता?
दीपक कुमार तिवारी।पटना।
शायर बशीर बद्र का एक शेर है- ‘कुछ तो मजबूरियां रहीं होंगी, यूं ही कोई वेबफा नहीं होता।’ बिहार की राजनीति में कुछ शख्सियतें ऐसी हैं, जो एक खास मजबूरी के तहत ‘दिल कहीं और दिमाग कहीं और’ की राजनीति के लिए जानी जाती हैं। कुछ ऐसे हैं, जो मौके के ‘यार’ हैं। उनका एक कदम कहीं तो दूसरा कदम कहीं और रहता है। राजनीतिक गलियारों की माने तो जदयू के भीतर कुछ ऐसे चेहरे हैं, जो हैं तो जदयू में, लेकिन उनका दिल भाजपा के साथ होता है। ये चेहरे नीतीश कुमार की टेंशन बढ़ा सकते हैं।
वर्तमान राज्यसभा सांसद संजय झा तो पहले भाजपा में ही थे। और जब संजय झा ने भाजपा को छोड़ जदयू की सदस्यता ग्रहण की, तभी से यह कहा जाने लगा कि भाजपा ने जदयू के भीतर एक सूत्र छोड़ दिया है। इन्हें सिर्फ जदयू के अंदर की स्थिति का पता लगाना है। सांसद और जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भाजपा के कितने करीब हैं, इसका खुलासा खुद राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था, जब महागठबंधन की सरकार में वे मुख्यमंत्री थे। तब उन्होंने संजय झा का नाम लिया था कि इनके कहने पर भाजपा के साथ सरकार में आ गए।

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह भी भाजपा के पैरोकार माने जाते हैं। एक बैठक के दौरान तो खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ललन सिंह को आवाज दी कि ‘ललन बाबू! वहां कहां, इधर आइए।’ और इस व्यवहार का प्रतिफल संसद में तब दिखा, जब ललन सिंह ने वक्फ संशोधन बिल का समर्थन किया। यहां तक कि पार्टी की लाइन से अलग भी ललन सिंह ने बयान दे दिया। इसके पहले भी ललन सिंह पर जदयू को तोड़ने का आरोप लगा है। और तब आनन-फानन में राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोहरी भूमिका में आए और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी खुद ले ली।
अभी जो राज्य में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार है, उसके सूत्रधार के.सी. त्यागी और संजय झा माने जाते हैं। भाजपा से संगठन महामंत्री रहे नागेंद्र जी और के.सी. त्यागी ने जमकर बैटिंग की और भाजपा के साथ एनडीए की छतरी तले लोकसभा चुनाव लड़ने की स्थिति बनाई।
जदयू के भीतर भाजपा के साथ संबंध बढ़िया करने में अशोक चौधरी का भी नाम लिया जाता है। हाल ही में अशोक चौधरी और उनकी बेटी लोजपा सांसद सांभवी चौधरी ने पीएम नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर भाजपा की तरफ अगाध दोस्ती की ओर कदम बढ़ाया है।













