-छठ पूजा को लेकर नगर निगम अलर्ट, मुजफ्फरपुर के 12 घाट खतरनाक घोषित
-21 प्रमुख घाटों का इंजीनियरिंग टीम ने किया तकनीकी निरीक्षण
-निर्माणाधीन अखाड़ाघाट पुल के नीचे छठ पूजा पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
-खतरनाक घाटों पर बैरिकेडिंग और लाल झंडे लगाए जाएंगे
-13 नवंबर से नहाय-खाय के साथ शुरू होगा चार दिवसीय महापर्व
मुजफ्फरपुर। लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 13 नवंबर से नहाय-खाय के साथ शुरू होने वाले चार दिवसीय छठ महापर्व को देखते हुए शहर के प्रमुख घाटों की साफ-सफाई, मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था का काम शुरू कर दिया गया है। छठव्रतियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम की इंजीनियरिंग टीम ने शहर के 21 प्रमुख घाटों का तकनीकी निरीक्षण किया। जांच के बाद 12 घाटों को खतरनाक और संवेदनशील घोषित किया गया है।

सबसे अधिक संवेदनशील स्थिति बूढ़ी गंडक नदी किनारे निर्माणाधीन अखाड़ाघाट पुल के नीचे स्थित घाट की पाई गई है। निर्माण कार्य, नदी की गहराई और तेज बहाव को देखते हुए यहां छठ पूजा और अर्घ्य देने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। वहीं अखाड़ाघाट का सीढ़ी घाट, सूर्य मंदिर घाट, आश्रम घाट और लकड़ीढाई घाट सुरक्षित घोषित किए गए हैं। दूसरी ओर, जगन्नाथ मिश्र कॉलेज के समीप स्थित चंदवारा घाट की जर्जर स्थिति को देखते हुए नगर निगम वहां कोई विशेष व्यवस्था नहीं करेगा।
इंजीनियरिंग टीम की जांच में सिकंदरपुर मन स्थित आईजी घाट, साहब घाट, रामेश्वर सिंह कॉलेज के पीछे वाला घाट, मुक्तिधाम के बगल का घाट, कन्हौली मठ पोखर और श्याम टॉकीज पोखर समेत 12 घाटों एवं जलस्रोतों को असुरक्षित श्रेणी में रखा गया है।
इसके विपरीत दादर घाट और दादर स्लुइस गेट से पहले बनने वाले घाट को सुरक्षित घोषित किया गया है। साहू पोखर, ब्रह्मपुरा पोखर, पड़ाव पोखर, तीन पोखरिया, बिहार विश्वविद्यालय पोखर, आरडीएस कॉलेज पोखर और बीबीगंज पोखर में छठ पूजा को लेकर विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खतरनाक और प्रतिबंधित घाटों पर बैरिकेडिंग की जाएगी। साथ ही लाल झंडे लगाकर श्रद्धालुओं को वहां जाने से रोका जाएगा। घाटों पर साफ-सफाई, पहुंच पथ की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को समय पर पूरा करने की तैयारी है। प्रशासन का उद्देश्य छठ महापर्व के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।












