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अपराध पर जीरो टॉलरेंस, प्रशासन को सख्त संदेश

-अपराध पर जीरो टॉलरेंस, प्रशासन को सख्त संदेश

पटना। बिहार की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपराध नियंत्रण को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया। पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित एक दिवसीय उच्चस्तरीय कार्यशाला में उन्होंने राज्यभर के डीएम और एसपी के साथ सीधा संवाद करते हुए कानून-व्यवस्था पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का ऐलान किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में साफ कहा कि अपराधियों के प्रति किसी भी तरह की नरमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि “अपराधियों को माला पहनाने के बजाय उनकी तस्वीर पर माला चढ़ाने जैसी कार्रवाई दिखनी चाहिए,” जिससे पूरे प्रशासनिक तंत्र में सख्ती का स्पष्ट संदेश गया।

बैठक में उन्होंने अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए निर्देश दिया कि सभी डीएम और एसपी रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक अपने कार्यालय में अनिवार्य रूप से मौजूद रहें, ताकि आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करें, तो अधिकांश समस्याएं स्वतः खत्म हो जाएंगी|

महिलाओं और बच्चियों से जुड़े अपराधों पर मुख्यमंत्री ने विशेष सख्ती दिखाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केस दर्ज करने से लेकर चार्जशीट दाखिल करने तक की प्रक्रिया को तेज करने और दोषियों को जल्द सजा दिलाने पर जोर दिया गया।

इसके साथ ही राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। हर जिले में औद्योगिक केंद्र स्थापित करने, निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को विकास की रफ्तार देनी है, तो सबसे पहले सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाना जरूरी है।

स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए एआई, डेटा एनालिसिस और आधुनिक निगरानी तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया। साथ ही इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम ‘डायल 112’ को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए।

कुल मिलाकर इस उच्चस्तरीय बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि बिहार सरकार अब अपराध के खिलाफ आक्रामक रणनीति अपनाने के मूड में है और प्रशासनिक स्तर पर किसी भी प्रकार की ढिलाई को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।