-SIPB समाधान शिविर की शुरुआत, पहले दिन 48 औद्योगिक इकाइयों के मामलों की हुई समीक्षा
पटना, 1 जुलाई 2026। बिहार सरकार के उद्योग विभाग ने निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और उद्योगों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से SIPB समाधान शिविर की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल राज्य में Ease of Doing Business (EoDB) को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
उद्योग विभाग द्वारा 1 से 9 जुलाई 2026 तक राज्य के विभिन्न जिलों के उद्यमियों के लिए समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में निवेशकों की लंबित समस्याओं, स्वीकृतियों, वित्तीय प्रोत्साहन एवं विभिन्न अनुदान संबंधी आवेदनों की समीक्षा कर उनके त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को उद्योग निदेशक-सह-सदस्य सचिव, राज्य निवेश प्रोत्साहन परिषद (SIPB) सचिवालय मुकुल कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में पटना जिले के निवेशकों के लिए हाइब्रिड समाधान शिविर आयोजित किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निवेशकों ने इसमें भाग लिया।

शिविर का मुख्य उद्देश्य सिंगल विंडो क्लियरेंस पोर्टल पर आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण लंबित स्टेज-1 क्लियरेंस, वित्तीय प्रोत्साहन एवं अनुदान संबंधी आवेदनों के निष्पादन में आ रही बाधाओं को दूर करना था। बैठक में कुल 48 औद्योगिक इकाइयों के मामलों की बिंदुवार समीक्षा की गई और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने निवेशकों को आवश्यक मार्गदर्शन देते हुए लंबित मामलों के शीघ्र एवं पारदर्शी निष्पादन का भरोसा दिलाया।
उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता ने बताया कि समाधान शिविर के माध्यम से निवेशकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे राज्य में निवेश का बेहतर माहौल तैयार होगा।
उन्होंने जानकारी दी कि 2 जुलाई 2026 को SIPB समाधान शिविर का आयोजन मुजफ्फरपुर और भोजपुर जिले के निवेशकों के लिए किया जाएगा, जहां लंबित आवेदनों एवं विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को आयोजित शिविर में बालमुकुन्द कॉनकास्ट प्रा. लि., एसपीडी स्नैक्स इंडस्ट्रीज एलएलपी, विट्रा इंडिया ग्लास प्रा. लि., जय माता दी दाल उद्योग, प्रकाश उद्योग, माँ शीतला राइस मिल, रॉक हिल हाईटेक सीमेंट प्रा. लि., शिवा पॉलिट्यूब्स प्रा. लि., मदर इंडिया एग्रो फूड प्रा. लि., सर्राफ रियल इंफ्रा प्रा. लि. तथा आरटिकॉन यूनिट-2 सहित अन्य औद्योगिक इकाइयों के लंबित मामलों की समीक्षा कर उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।












