-पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा उद्घाटित लोहे के मुन्नी पुल पर रुकेगा भारी एवं ओवरलोडेड वाहनों का परिचालन, आरजेडी विधायक ने दिया बैरिकेडिंग लगाने का निर्देश
दीपक कुमार तिवारी। बन्दरा/मुुुजफ्फरपुर।
प्रखंड क्षेत्र में बागमती नदी के मुन्नी घाट पर करीब 25 साल पहले निर्मित एवं तत्कालीन तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा उद्घाटित लोहे के पुल जर्जर हो गए हैं। जिस पर भारी गाड़ियों का परिचालन खतरनाक बना हुआ है। ऐसे में यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। गायघाट विधायक निरंजन राय ने इस पुल पर लोहे के बोल्डरों से बैरिकेटिंग कर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने की मांग की है। विधायक निरंजन राय ने बुधवार को बताया कि ग्रामीण पथ निर्माण विभाग के वरीय अधिकारियों से इस मामले में बातचीत की है और भारी वाहनों के परिचालन पर अविलम्ब रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि करीब 25 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के द्वारा बागमती नदी पर लोहे के पुल का निर्माण कार्य का उद्घाटन किया गया था।

फोरलेन सड़क के मैठी टोल प्लाजा टैक्स से बचने के लिए भारी वाहनों का परिचालन इस सिंगल मार्ग से बढ़ गया है। राजधानी पटना मार्ग पर पहुंचने के लिए सैदपुर-पूसा सिंगल पथ से होकर हाल के दिनों में लगातार भारी एवं ओवरलोडेड वाहनों का परिचालन बढ़ गया है। भारी एवं ओवरलोड वाहनों के परिचालन से जर्जर मुन्नी पुल पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है और जानमाल की की भारी क्षति हो सकती है।क्षेत्र भ्रमण के दौरान लोगों के शिकायत के बाद उन्होंने मुन्नी पुल का स्थल निरीक्षण किया है और पुल के दोनों तरफ लोहे के बोल्डरों को लगाकर बैरिकेटिंग की कार्रवाई करने को पथ निर्माण विभाग के जेई को कहा है, ताकि भारी वाहनों का परिचालन इस पुल से अभिलंब रोक दी जाए। उन्होंने बताया कि इस दिशा में अविलम्ब कार्रवाई की जाएगी। ज्ञात हो कि मुजफ्फरपुर- दरभंगा फोर लेन को जोड़ने वाली यह मुख पथ हनुमान नगर से मुन्नी पुल पथ से होते हुए सैदपुर पूसा में मुख्य मार्ग से जुड़ती है।लिहाजा अंतरजिला क्षेत्र के इलाकों को जोड़ने वाली यह अति महत्वपूर्ण लाइफलाइन सड़क है।












