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अनन्त चतुर्दशी पर होगी भगवान अनन्त की पूजा, 25 सितंबर को मनाया जाएगा पर्व

-अनन्त चतुर्दशी पर होगी भगवान अनन्त की पूजा, 25 सितंबर को मनाया जाएगा पर्व

मोतिहारी, राजन द्विवेदी। अनन्त चतुर्दशी का पुण्य-पवित्र पर्व 25 सितंबर शुक्रवार को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनन्त चतुर्दशी का व्रत किया जाता है। इस दिन मध्याह्न व्यापिनी चतुर्दशी तिथि में पूजा का विधान बताया गया है।
महर्षिनगर स्थित आर्षविद्या शिक्षण प्रशिक्षण सेवा संस्थान-वेद विद्यालय के प्राचार्य सुशील कुमार पाण्डेय ने बताया कि श्रद्धालु प्रातः स्नान आदि से निवृत्त होकर पूजा स्थल को स्वच्छ एवं सुशोभित करेंगे। इसके बाद कलश की स्थापना कर उसमें कुशा से निर्मित अनन्त भगवान की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। चौदह गांठों वाले अनन्त भगवान की वंदना के बाद श्रद्धालु अनन्त सूत्र धारण करेंगे। महिलाएं इसे बायीं भुजा और पुरुष दाहिनी भुजा पर धारण करते हैं।


सुशील पाण्डेय ने कहा कि व्रत के नाम से ही स्पष्ट है कि यह दिन अंत न होने वाले सृष्टिकर्ता निर्गुण ब्रह्म की भक्ति का दिन है। इस अवसर पर श्रद्धालु लौकिक कार्यों से मन हटाकर ईश्वर भक्ति में लीन होते हैं। वेद ग्रंथों का पाठ कर भक्ति की स्मृति का डोरा बांधा जाता है।
उन्होंने बताया कि अनन्त सूत्र की चौदह गांठें चौदह लोकों की प्रतीक मानी जाती हैं, जिनमें भगवान अनन्त के विद्यमान होने की धार्मिक मान्यता है। अनन्त सूत्र को भगवान विष्णु को प्रसन्न करने वाला और अनन्त फल प्रदान करने वाला माना गया है। यह व्रत धन, ऐश्वर्य तथा पुत्र-पौत्रादि की कामना से भी किया जाता है।