-बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सीएम और केंद्रीय मंत्री ने किया हवाई व स्थलीय निरीक्षण, पीड़ित परिवारों को 7 हजार की अंतरिम सहायता
पटना, 16 सितंबर(दीपक तिवारी)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई एवं स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों ने पटना के मनेर और सारण के दिघवारा क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड स्थित तेरसिया पंचायत के तेरसिया और सरायपुर गांव पहुंचकर बाढ़ की स्थिति, फसल और मकानों को हुए नुकसान का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने नाव तथा ट्रैक्टर से बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने सड़क ऊंची करने, नई सड़क निर्माण और बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे की मांग की। अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस बार क्षेत्र में वर्ष 2016 की तुलना में करीब एक फीट अधिक पानी आया है। केले और मक्के की फसल बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में करीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्र सरकार की टीम नुकसान का आकलन कर रही है और बिहार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। एक और केंद्रीय दल भी क्षति का आकलन करने आएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए 7 हजार रुपये की अंतरिम अनुदान राशि जारी कर रही है। नुकसान का विस्तृत और सटीक आकलन पूरा होने के बाद किसानों एवं अन्य प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय टीम भेजने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं उनकी टीम का धन्यवाद किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में कम्युनिटी किचन, स्वास्थ्य सुविधाएं, नाव परिवहन सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ के दौरान अपने गांव के चार लोगों की जान बचाने वाले छोटे बच्चे विशाल कुमार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मौके पर विधायक अवधेश सिंह, पूर्व विधायक सतीश कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, जिलाधिकारी वर्षा सिंह, पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।












