-नेपाल की फ्लैश फ्लड से बिहार में गंडक का खतरा, आठ जिलों में हाई अलर्ट
मुजफ्फरपुर। नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में आई फ्लैश फ्लड के बाद बिहार में गंडक नदी के उफान का खतरा बढ़ गया है। नेपाल से अचानक बढ़े जलप्रवाह का असर गंडक नदी में दिखाई देने की आशंका को देखते हुए बिहार सरकार ने आठ जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। गंडक नदी में करीब तीन मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की आशंका जताई गई है।
संभावित खतरे को देखते हुए मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण और वैशाली में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सीतामढ़ी और शिवहर समेत अन्य संवेदनशील जिलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन को नदी के जलस्तर और तटबंधों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस पदाधिकारी बैठक में शामिल हुए। बैठक में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां समय पर पूरी रखने का निर्देश दिया गया।
अधिकारियों को गंडक नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, पुल-पुलियों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी या किसी अन्य आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने का निर्देश दिया गया है।

नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, लमजुंग और तनहुँ जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा बताया गया है। इन क्षेत्रों से निकलने वाला अतिरिक्त जलप्रवाह गंडक नदी के रास्ते बिहार पहुंच सकता है। इसी संभावना को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत और बचाव संसाधनों की अग्रिम तैनाती शुरू कर दी है।
संभावित खतरे को देखते हुए गोपालगंज में एनडीआरएफ की एक टीम भेजने का निर्देश दिया गया है। बेतिया में भी एनडीआरएफ की टीम की तैनाती की कार्रवाई की जा रही है। मुजफ्फरपुर में एक टीम को स्टैंडबाय रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर उसे तत्काल प्रभावित क्षेत्र में भेजा जा सके। एसएसबी की ओर से भी जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई दल और अन्य सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।
जल संसाधन विभाग को गंडक बैराज के सभी गेटों और संबंधित नहरों के संचालन के माध्यम से जलप्रवाह के सुरक्षित प्रबंधन का निर्देश दिया गया है। अभियंताओं को तटबंधों और जल संसाधन से जुड़ी संरचनाओं की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। किसी संवेदनशील स्थान पर क्षति की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
संभावित प्रभावित आबादी को ध्यान में रखते हुए जिलों में निकासी योजना तैयार रखने, पर्याप्त संख्या में नाव, आश्रय स्थल और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थिति की जानकारी देने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रशासन को तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
सरकार ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। प्रशासन को अफवाहों पर रोक लगाने के लिए सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। नेपाल में फ्लैश फ्लड और गंडक नदी में संभावित जलप्रवाह की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।












