बिहार की बहनें बदलेंगी बिहार की तकदीर, सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाओं से बनेगा समृद्ध बिहार : मुख्यमंत्री
पटना, 26 अगस्त। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की बेटियों और बहनों के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में तीन महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की। पटना के ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड) के लिए 4,700 स्कूटर एवं मोटरसाइकिल का लोकार्पण एवं फ्लैग ऑफ किया। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की महिलाएं अपनी प्रतिभा और क्षमता के बल पर राज्य की तकदीर बदल सकती हैं। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ही समृद्ध बिहार की तस्वीर है। सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को सुरक्षित, शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड) को उपलब्ध कराए गए 4,700 दोपहिया वाहनों से महिला पुलिसकर्मी स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा और महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस में करीब 40 हजार महिला पुलिसकर्मी हैं, जो देश के किसी भी राज्य के पुलिस बल में महिलाओं की बड़ी भागीदारी को दर्शाता है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप की भी शुरुआत की गई। इसके तहत करीब 1,000 छात्राओं को चार वर्षों तक हर महीने 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
इसके साथ ही ‘बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना’ का शुभारंभ किया गया। योजना के तहत महिला उद्यमियों को उनके नवाचार और उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए 50 हजार रुपये से 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। करीब 2,100 महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। इससे महिला उद्यमिता, नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था में जीविका दीदियां महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। राज्य की 43 लाख जीविका दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं और आने वाले वर्षों में एक करोड़ और जीविका दीदियों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवा 112 का रिस्पॉन्स टाइम अब 10 मिनट से कम हो गया है। नई व्यवस्थाओं के लागू होने के बाद इसे 5 से 7 मिनट से भी कम करने का लक्ष्य है, ताकि महिलाओं सहित सभी नागरिकों को जरूरत के समय त्वरित सहायता उपलब्ध हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने का अभियान जारी रहेगा। सरकार का लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को जीविका, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन सहित विभिन्न रोजगार से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि पंचायतों और नगर निकायों के चुनाव में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है और बिहार में करीब 59 प्रतिशत महिलाएं जनप्रतिनिधि के रूप में चुनी जाती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की उन्नति ही बिहार की प्रगति है। बेटियों और बहनों की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि बिहार की बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर देना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, एडीजी के.एस. अनुपम, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा सहित गृह, उच्च शिक्षा एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस दीदियां मौजूद थीं।












