-राजापाकर में भाकपा माले ने मनाया कामरेड चारु मजूमदार का शहादत दिवस
राजापाकर/संजय श्रीवास्तव। भाकपा माले के संस्थापक नेता कामरेड चारु मजूमदार का शहादत दिवस राजापाकर स्थित दीक्षा पब्लिक स्कूल परिसर में श्रद्धा और संकल्प के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत एक मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने से हुई। इसके बाद उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाकपा माले के प्रखंड अध्यक्ष सुमन कुमार ने की, जबकि संचालन जिला सचिव योगेंद्र राय ने किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने चारु मजूमदार के राजनीतिक जीवन और उनके आंदोलनों पर चर्चा की।
जिला सचिव योगेंद्र राय ने कहा कि चारु मजूमदार का जन्म बंगाल के एक संपन्न परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने सुख-सुविधाओं का जीवन छोड़कर संघर्ष और क्रांतिकारी रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि चारु मजूमदार नक्सलवादी आंदोलन के प्रमुख संस्थापकों में रहे। 28 जुलाई 1972 को उनकी लाल बाजार थाने की हिरासत में मौत हो गई थी।

प्रखंड सचिव सुमन कुमार ने कहा कि चारु मजूमदार द्वारा शुरू किया गया आंदोलन 1966 के अकाल प्रभावित दौर में किसानों के सवालों से जुड़ा था। उन्होंने वर्तमान समय में किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि खाद, बीज और कीटनाशकों की बढ़ती कीमतों से किसान परेशान हैं और कृषि उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कई परियोजनाओं के नाम पर किसानों की कृषि योग्य जमीन पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने किसानों को संगठित कर अखिल भारतीय किसान महासभा के माध्यम से आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में भिखारी प्रसाद सिंह, राम बहादुर प्रसाद सिंह, रामबाबू प्रसाद सिंह, दिनेश प्रसाद सिंह, सुरेश चौधरी, बृज किशोर शाह, देवेंद्र शर्मा, रामचंद्र सहनी, परमानंद सिंह, विनोद राम, महताब राय, महेश प्रसाद सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने और जन मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।













