-नेपाल में भारी बारिश का असर: कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने के संकेत, बिहार में प्रशासन अलर्ट
सुपौल/पटना। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद बिहार में एक बार फिर कोसी नदी को लेकर चिंता बढ़ गई है। नेपाल के बराहक्षेत्र में पिछले चार घंटे के दौरान 15,775 क्यूसेक जलप्रवाह बढ़ने के बाद जल संसाधन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। फिलहाल कोसी बराज पर जलप्रवाह सामान्य सीमा में है, लेकिन नेपाल से बढ़ता पानी अगले कुछ घंटों में बिहार पहुंचने की संभावना को देखते हुए निगरानी और चौकसी बढ़ा दी गई है।
मंगलवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, कोसी बराज पर जलप्रवाह 91,445 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो फिलहाल घटते क्रम में है। वहीं नेपाल के बराहक्षेत्र में जलप्रवाह करीब 74 हजार क्यूसेक तक पहुंच चुका है और लगातार बढ़ रहा है। विभाग का अनुमान है कि यहां से बढ़ा हुआ पानी कुछ घंटों में कोसी बराज तक पहुंच सकता है, जिससे नदी का जलस्तर फिर बढ़ने की आशंका है।
कोसी बराज पर फिलहाल 10 फाटक खोलकर पानी का नियंत्रित निकास किया जा रहा है। जल संसाधन विभाग के अभियंता नेपाल से मिल रहे जलप्रवाह के आंकड़ों की हर घंटे समीक्षा कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल निर्णय लिया जाएगा।

संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए कोसी नदी के दोनों तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। सभी स्पर और स्टड का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। विभाग के अनुसार फिलहाल सभी सुरक्षा संरचनाएं सुरक्षित हैं और कहीं से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। संवेदनशील स्थानों पर अभियंताओं और कर्मचारियों की विशेष टीम तैनात कर दी गई है।
कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका से सुपौल, सहरसा, मधेपुरा समेत तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी है, लेकिन नेपाल में लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए लोग सतर्क हैं।
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश जारी रहती है तो कोसी नदी के जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। फिलहाल प्रशासन और जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है तथा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अगले कुछ घंटे कोसी नदी के रुख के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।












