-नवजात की सुरक्षा में लापरवाही अब पड़ेगी भारी, बच्चा गायब होने पर अस्पताल का लाइसेंस होगा रद्द
नई दिल्ली/मुजफ्फरपुर। देशभर में नवजात शिशुओं की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यदि किसी सरकारी या निजी अस्पताल से कोई नवजात शिशु गायब होता है, तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नए निर्देशों के तहत जन्म के बाद नवजात की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की होगी।
गृह मंत्रालय ने यह कदम नवजात शिशुओं की चोरी और अवैध तस्करी की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया है। मंत्रालय की ओर से जारी निर्देश के बाद बिहार स्वास्थ्य विभाग ने भी सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
मुजफ्फरपुर में पहले भी सामने आ चुके हैं मामले:
मुजफ्फरपुर जिले में पहले भी सरकारी और निजी अस्पतालों में नवजात शिशु बदलने और चोरी की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। इनमें श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) तथा एक निजी अस्पताल से जुड़े मामले काफी चर्चा में रहे थे। इन घटनाओं के बाद जांच तो कराई गई, लेकिन अब नए निर्देशों के बाद अस्पतालों की जवाबदेही और अधिक बढ़ा दी गई है।

मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के प्रभारियों को निर्देश जारी कर नवजात शिशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सख्ती:
जानकारी के अनुसार, नवजात शिशुओं की सुरक्षा से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा है।
नए दिशा-निर्देशों के तहत जच्चा-बच्चा वार्डों की 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी, वार्ड में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का रिकॉर्ड रखने तथा बिना अनुमति किसी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों को नवजात और उसकी मां की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इन नए सुरक्षा उपायों से नवजात शिशुओं की चोरी, अदला-बदली और तस्करी जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।












