-किसानों की आर्थिक समृद्धि का बेहतर विकल्प है मशरूम उत्पादन : वैज्ञानिक
-हथौड़ी में आयोजित कार्यशाला में किसानों को मशरूम उत्पादन, पैकेजिंग और ब्रांडिंग का दिया गया प्रशिक्षण
मुजफ्फरपुर: किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें पारंपरिक खेती के साथ अतिरिक्त रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से उच्च विद्यालय हथौड़ी परिसर में रविवार को मशरूम उत्पादन तकनीक विषय पर एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय से जुड़े एडवांस सेंटर ऑफ मशरूम रिसर्च के तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वैज्ञानिक डॉ. दयाराम ने कहा कि किसानों की आर्थिक समृद्धि के लिए परंपरागत खेती के साथ मशरूम उत्पादन एवं उससे जुड़े रोजगार को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन कम लागत और कम जगह में बेहतर आमदनी देने वाला विकल्प है। किसानों को इसकी तकनीकी जानकारी लेकर इसे बड़े स्तर पर अपनाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि मशरूम अब राज्य के एक उभरते हुए ब्रांड के रूप में पहचान बना रहा है। इसके विभिन्न व्यंजन और उत्पाद लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।

अखिल भारतीय समन्वित मशरूम अनुसंधान परियोजना के तहत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में परियोजना के पीआई डॉ. आरपी प्रसाद ने कहा कि मशरूम उत्पादन के साथ-साथ उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग को भी बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसान सालभर मशरूम उत्पादन कर बेहतर लाभ कमा सकते हैं। राज्य सरकार भी इसके विस्तार के लिए अनुदान उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने किसानों से मशरूम उत्पादक समूह या एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) बनाकर कार्य करने की अपील की, ताकि उत्पादों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल सके।
कार्यक्रम की शुरुआत हथौड़ी पंचायत के मुखिया इश्तेयाक अहमद, बरहद पंचायत के मुखिया अंकित सिंह, सेवानिवृत्त शिक्षक मोहन कुमार सिंह, समाजसेवी रामबाबू शाही, अनुमंडलीय अस्पताल पूसा के उपाधीक्षक डॉ. राकेश कुमार सिंह तथा प्रमोद कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर की।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को मशरूम उत्पादन तकनीक, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही प्रशिक्षुओं से मशरूम उत्पादन के लिए बैग भी तैयार कराया गया। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने मशरूम से बने पकौड़े और हलवे का स्वाद भी लिया।












