-बाबा साहब डॉ. आंबेडकर की जयंती के पूर्व संध्या पर आरवाईए ने निकाला मशाल जुलूस
-बाबा तेरे सपनों को, मंजिल तक पहुंचाएंगे:- रौशन कुमार
समस्तीपुर। डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के पूर्व संध्या पर इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के झंडा बैनर तले देशव्यापी आह्वान पर शहर के सरकारी बस स्टैंड से पटेल मैदान गोलंबर, समाहरणालय, डाकघर होते हुए अनुमंडल कार्यालय अंबेडकर जी के प्रतिमा तक “मशाल जुलूस” निकाला गया।
यह “मशाल जुलूस” संविधान पर हमलों के खिलाफ युवाओं की ललकार थी। जो बाबा साहब के सपनों को चकनाचूर करने की साज़िश को नेस्तनाबूद करने के जज्बे के साथ सड़कों पर उतरे थे। बाबा तेरे सपनों को, मंजिल तक पहुंचाएंगे, यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन लागू करो, बाबा साहब के विचारों पर हमले नहीं सहेंगे, भारतीय संविधान जिंदाबाद, बाबा साहब अमर रहें, संविधान की रक्षा के लिए आगे बढ़ो, लोकतंत्र और भाईचारे के हिफाजत करो जैसे गगनभेदी नारे गूंज रही थी। यह मशाल जुलूस मार्च संविधान पर हो रहे सुनियोजित हमलों के खिलाफ युवाओं की ललकार है। तत्पश्चात आरवाईए जिला सचिव रौशन कुमार के नेतृत्व में सभा का आयोजन किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए के जिला सचिव रौशन कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि यह दिन केवल फूल चढ़ाने और भाषण देने का नहीं, बल्कि उस महान संकल्प को दोहराने का दिन है जो बाबा साहब ने इस देश के हर गरीब, दलित, अल्पसंख्यक, महिला, श्रमिक और शोषित के लिए लिया था। आज जब भाजपा-आरएसएस की जोड़ी संविधान को टुकड़े-टुकड़े करने पर आमादा है, उसकी आत्मा को रौंद रही है, तब चुप रहना गुनाह होगा और संघर्ष करना फर्ज़। मोदी सरकार हर दिन संविधान के एक-एक अनुच्छेद को मिटाने का षड्यंत्र रच रही है। फासीवादी हमला अब प्रतीकों पर नहीं, आत्मा पर है। वे चाहते हैं कि भारत अडानी – अंबानी का गुलाम बन जाए, एक सांप्रदायिक तानाशाही में बदल जाए।

आरवाईए जिला प्रभारी सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि आज जब संविधान की प्रस्तावना से ‘पंथनिरपेक्षता’ और ‘समाजवाद’ शब्द मिटाने की साजिशें खुलकर चल रही हैं, तब देश का युवा वर्ग इस साजिश को नाकाम करने के लिए पूरी ताक़त से मैदान में उतरेगा। यह लड़ाई सिर्फ कागज़ों की नहीं, विचारों की है। और विचारों की लड़ाई में जनसंघर्ष ही सबसे बड़ा हथियार है। जो सरकार आज पूंजीपतियों के सामने घुटनों के बल झुकी हुई है, जो अमेरिका के तलवे चाटती है, जो देश के संसाधनों को बेच रही है, जो छात्र-नौजवानों की आवाज़ दबा रही है, जो किसान-मजदूरों को आत्महत्या की ओर धकेल रही है।
आरवाईए नगर सचिव कुंदन कुमार ने कहा कि देश का नौजवान यह देश बिकने नहीं देंगे, यह संविधान मिटने नहीं देंगे, यह लोकतंत्र टूटने नहीं देंगे। बाबा साहब ने जो कलम से लड़ाई लड़ी, उसे हम आगे बढ़ाएंगे।
आइसा जिला उपाध्यक्ष दीपक यदुवंशी ने कहा कि आज वक्त है कि हर नौजवान, हर मेहनतकश अपने हाथ में संविधान उठाए और दुश्मनों को ललकारे—कि यह किताब सिर्फ कानून नहीं, क्रांति का दस्तावेज है। इस किताब को जिसने भी जलाने की कोशिश की, उसे इतिहास ने कभी माफ नहीं किया।
मौके पर आरवाईए जिला कमिटी नवीन कुमार, राम सिंह, सौरव सतनाम, कुन्दन कुशवाहा, आयुष कुमार, मन्टू कुमार, पप्पू कुमार, दीनबंधु प्रसाद, जितेंद्र कुमार, मनोज कुमार सिंह मो. सगिर सहित दर्जनों नौजवान शामिल हुए।












