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मासिक कवि गोष्ठी में गूंजे काव्य के स्वर, श्रोताओं ने सराहा रचनात्मक संगम

मासिक कवि गोष्ठी में गूंजे काव्य के स्वर, श्रोताओं ने सराहा रचनात्मक संगम

मुजफ्फरपुर। शहर के छोटी सरैयागंज रोड स्थित श्री नवयुवक समिति ट्रस्ट के सभागार में रविवार को श्री नटवर साहित्य परिषद् के तत्वाधान में मासिक कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भोजपुरी के वरिष्ठ कवि सतेंद्र कुमार सत्येन ने की, जबकि संचालन सुमन कुमार मिश्रा ने किया।
कवि गोष्ठी का शुभारंभ युवा कवि उमेश राज की रचना “अति सुंदर मोहक छवि, नयन है तेरे कजरारे” से हुआ। इसके बाद एक से बढ़कर एक कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अध्यक्ष सतेंद्र कुमार सत्येन ने अपनी भोजपुरी रचना “गोकुल के तजि श्याम, कहां जात बानी” प्रस्तुत की। वहीं हास्य-व्यंग्य के लिए प्रसिद्ध डॉ. जगदीश शर्मा की रचना “इंसान की इंसानियत भी, आज सीमित हो गई है” ने समाज की सच्चाई को उजागर किया।


कवि ओम प्रकाश गुप्ता, रामबृक्ष राम चकपुरी, अंजनी कुमार पाठक, प्रमोद नारायण मिश्र, सुप्रिया सोनी, संगीता सागर, आचार्य चंद्र किशोर पाराशर, शुभनारायण शुभंकर, ऊषा किरण श्रीवास्तव, सुमन कुमार मिश्रा, अरुण कुमार तुलसी, राजीवेंद्र किशोर, मुन्नी चौधरी और अशोक भारती ने भी अपनी-अपनी रचनाओं से खूब तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम में नंदकिशोर पोद्दार, अजय कुमार, सुरेंद्र कुमार, चिराग पोद्दार सहित बड़ी संख्या में श्रोताओं की उपस्थिति रही। अंत में कवि गोष्ठी के संयोजक डॉ. जगदीश शर्मा ने सभी कवियों और श्रोताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। अध्यक्ष के निर्देशानुसार अगली गोष्ठी तक कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।